पंजाबी सिंगर जैस्मीन सैंडलस के देहरादून लाइव कॉन्सर्ट में अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। 20 मई को हुए इस कॉन्सर्ट के दौरान दर्शकों के एरिया के पास लगा एक बैरिकेड अचानक टूट कर गिर गया। इससे आगे खड़े कई लोग अपना संतुलन खोकर गिर पड़े। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि जैस्मीन सैंडलास स्टेज पर परफॉर्म कर रही थीं। तभी अचानक दर्शकों के बिल्कुल सामने वाले हिस्से का बैरिकेड टूट गया। घटना के बाद सिंगर ने तुरंत अपना परफॉर्मेंस रोक दिया और अपनी पर्सनल टीम को सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने को कहा। सिंगर ने सुरक्षाकर्मियों को बताया आक्रामक
जैस्मीन ने स्टेज से माइक पर कहा, “मुझे बहुत दुख है कि ऐसा हो रहा है। क्या मेरी इंटरनल टीम इसे संभाल सकती है? मैं चाहती हूं कि मेरी पूरी टीम तुरंत आकर इस मामले को सुलझाए। यहां के सुरक्षाकर्मी काफी आक्रामक व्यवहार कर रहे हैं।” इसके बाद सिंगर स्टेज पर ‘वाहेगुरु’ का नाम लेती हुई भी सुनाई दीं। जैस्मीन की टीम ने तुरंत दखल देकर स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद हालात सामान्य हुए। ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी के गानों से मिली कामयाबी
जैस्मीन सैंडलास इन दिनों ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी के गानों की सफलता को लेकर चर्चा में हैं। इस फ्रेंचाइजी में उनके गाए गाने ‘शरारत’, ‘मैं और तू’ और ‘जाइए सजना’ को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। इन गानों की कामयाबी के बाद वे एक बार फिर बॉलीवुड और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गई हैं। अमेरिका में बेहद तंगहाली में बीता बचपन
जैस्मीन ने हाल ही में रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में अपने शुरुआती दिनों के संघर्षों के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि जब उनका परिवार अमेरिका के न्यूयॉर्क पहुंचा, तो उन्हें अंग्रेजी नहीं आती थी। उनके पिता ने स्थानीय स्कूल में उनका एडमिशन कराया। वे लोग एक बेडरूम के एक छोटे से अपार्टमेंट में रहते थे, जो कम आय वाले परिवारों के लिए था। उस घर में कुल 6 लोग रहते थे और उनका गुजारा फूड स्टैम्प पर होता था। भारत में टीचर रहीं उनकी मां वहां फैक्ट्री में काम करती थीं और चेरी तोड़ती थीं, जबकि उनके पिता गैस स्टेशन पर काम करते थे। बाद में कैलिफोर्निया जाने पर उनके पिता को कोर्ट में इंटरप्रेटर का काम मिला, तब जाकर जिंदगी थोड़ी बेहतर हुई। गुरुद्वारे में शबद गाकर सीखी गायकी
जैस्मीन ने बताया कि बचपन में उनके पास म्यूजिक सीखने का कोई साधन नहीं था। वे सिर्फ गुरुद्वारे में जाकर शबद गाया करती थीं। उनके माता-पिता को उनके सिंगर बनने के सपने पर भरोसा नहीं था। मां इसे सिर्फ एक हॉबी मानती थीं और पिता का मानना था कि म्यूजिक में कोई करियर नहीं है। जैस्मीन ने अपने पिता से 6 महीने का समय मांगा था और कहा था कि अगर कामयाबी नहीं मिली तो वे गाना छोड़ देंगी। हालांकि 6 महीने में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। साल 2014 में सलमान खान की फिल्म ‘किक’ के गाने ‘यार ना मिले’ ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई।
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