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सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान ने इन घटनाक्रमों का गंभीरता से संज्ञान लिया है और मामले पर नज़र बनाए हुए है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने शिवकुमार से कहा कि कैबिनेट विस्तार के बारे में फ़ैसला आलाकमान सही समय पर करेगा। पार्टी लीडरशिप ने यह भी साफ़ कर दिया है कि मंत्री पद के लिए किसी भी तरह की लॉबिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फ़ोन पर हुई बातचीत की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि इस मामले में किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि को पार्टी गंभीरता से लेगी।
सूत्रों ने आगे बताया कि शिवकुमार को खास तौर पर निर्देश दिया गया था कि वे उन नेताओं, विधायकों और MLCs के समूहों से न मिलें जो कैबिनेट में शामिल होने के लिए उनसे मिलने आ सकते हैं। यह घटनाक्रम शिवकुमार के उस बयान के कुछ दिनों बाद हुआ है जिसमें उन्होंने साफ़ किया था कि कैबिनेट विस्तार से जुड़े फ़ैसले पूरी तरह से पार्टी की केंद्रीय लीडरशिप के हाथ में हैं। सोमवार को बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि कैबिनेट के ये सभी फ़ैसले हमारी पार्टी के नेता केंद्रीय स्तर पर लेते हैं। मुझे बस एक नोट दिया जाता है और मेरा काम फ़ैसले को लागू करना होता है। हालाँकि, आपके मामले के बारे में मैं आपको ज़रूर जानकारी दूँगा।
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कांग्रेस आलाकमान के ताज़ा संदेश से संकेत मिलता है कि वह कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया को कड़े नियंत्रण में रखना चाहता है और पद के दावेदारों या उनके समर्थकों की ओर से की जाने वाली किसी भी तरह की सार्वजनिक लॉबिंग को हतोत्साहित करना चाहता है।
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