मानसून सीजन कई बीमारियां लेकर आता है और खासतौर पर बच्चों को ज्यादा खतरा होता है। बदलते मौसम में बच्चे फ्लू का शिकार हो जाते हैं। चलिए आपको इसके शुरुआती लक्षण और बचाव के तरीके बताते हैं।
बच्चों में इन्फ्लूएंजा के लक्षण
-तेज बुखार
-गले में खराश
-नाक बहना या बंद होना
-शरीर और मांसपेशियों में दर्द
-थकान ज्यादा लगना
-छोटे बच्चों में उल्टी या दस्त आना
कैसे फैलता है
इन्फ्लूएंजा एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है। बच्चों में इसका खतरा ज्यादा होता है, क्योंकि वे स्कूल और डे-केयर जैसी जगहों पर एक-दूसरे के पास रहते हैं। कई बार किसी बच्चे में संक्रमण के शुरुआती लक्षण साफ नहीं दिखते, लेकिन वह वायरस दूसरों तक फैल सकता है। ऐसे में स्वस्थ बच्चे भी आसानी से इन्फ्लूएंजा की चपेट में आ सकते हैं।
कितने दिनों में होता है सही?
ज्यादातर बच्चों में इन्फ्लूएंजा 5–7 दिनों के भीतर ठीक हो जाता है। हालांकि, यदि बच्चे में गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इस दौरान बच्चे को पर्याप्त आराम करने दें और उसे भरपूर मात्रा में पानी व अन्य तरल पदार्थ पिलाएं। बुखार या अन्य किसी भी समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न दें। अगर बच्चे को सांस लेने में कठिनाई हो, होंठ या चेहरा नीला पड़ने लगे, तेज बुखार लंबे समय तक कम न हो या दौरे पड़ने जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
बचाव के लिए क्या करें?
हर साल फ्लू का टीका लगवाएं।
हाथों को साबुन से रोजाना धोना।
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकना।
बीमार व्यक्ति से दूरी रखें।
बारिश में भीगने पर फौरन सूखे कपड़े पहनें।
नोट- यह खबर सामान्य जानकारियों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।
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