आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने उद्यम पूंजी और स्टार्टअप निवेशकों को राज्य में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए सोमवार को आमंत्रित किया।
उन्होंने साथ ही राज्य के बढ़ते औद्योगिक परिवेश, नवाचार अवसंरचना और निवेशक-अनुकूल नीतियों को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री की सिंगापुर की दो दिवसीय यात्रा के दौरान सरकारी अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और निवेशकों के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों का उद्देश्य आंध्र प्रदेश में अवसंरचना, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, शिक्षा और कौशल विकास क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना एवं साझेदारी के अवसर तलाशना है।
सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त शिल्पक अंबुले, वहां के नगर प्रशासन मंत्री पी. नारायण तथा स्टार्टअप क्षेत्र के उद्यम पूंजी निवेशकों ने गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया।
प्रेस विज्ञप्ति में नायडू ने कहा, ‘‘औद्योगिक परियोजनाएं स्थापित करने के लिए यह बहुत सही समय है और मैं निवेशकों से आगे आने का आग्रह करता हूं। उद्यम पूंजी निवेशकों के पास रतन टाटा नवाचार केंद्र के माध्यम से विकसित और संवर्धित स्टार्टअप में निवेश करने का अवसर उपलब्ध है।’’
उन्होंने कहा कि भारत तेज गति से आर्थिक वृद्धि हासिल कर रहा है और चिकित्सकीय प्रौद्योगिकी उत्पादों सहित उन्नत उपकरणों के विनिर्माण में अग्रणी बनकर उभरा है।
नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकास कार्यक्रमों और निवेश परियोजनाओं में किसी प्रकार की देरी नहीं होने दी है।
अंबुले ने कहा कि हरित ऊर्जा और सेमीकंडक्टर परिवेश के विकास में सिंगापुर काफी आगे है और वह भारत के विभिन्न राज्यों के साथ काम करने का इच्छुक है।
इसके अलावा नायडू ने संयुक्त राष्ट्र-हैबिटेट और गूगल क्लाउड के साथ साझेदारी का प्रस्ताव रखा तथा सिंगापुर स्थित कंपनियों को राज्य में लॉजिस्टिक्स, आपूर्ति श्रृंखला, डिजिटल अवसंरचना और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में निवेश के अवसर तलाशने का निमंत्रण दिया।
नायडू ने संयुकत राष्ट्र-हैबिटेट की कार्यकारी निदेशक एना क्लाउडिया रोसबाख, गूगल क्लाउड एशिया-प्रशांत के अध्यक्ष करण बाजवा तथा वाईसीएच लॉजिस्टिक्स समूह के परिचालन प्रमुख सुनील नांबियार से भी मुलाकात की।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.