देश के लाखों छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की नजर इन दिनों CBSE पर टिकी हुई है. बोर्ड में हाल ही में हुए बड़े प्रशासनिक बदलाव के बाद अब एक नया चेहरा सुर्खियों में है. केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है. ऐसे समय में जब CBSE मूल्यांकन प्रणाली और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद को लेकर चर्चा में है, तब उनकी नियुक्ति को काफी अहम माना जा रहा है.
बताते चलें कि लोखंडे प्रशांत सीताराम 2001 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वे एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर से जुड़े हैं. प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उनकी पहचान एक तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में रही है. उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने मुंबई के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग (NITIE) से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया. यानी तकनीकी शिक्षा और प्रबंधन दोनों क्षेत्रों की मजबूत समझ उनके पास है.
25 साल का प्रशासनिक अनुभव
लोखंडे प्रशांत सीताराम को प्रशासनिक सेवा में करीब ढाई दशक का अनुभव है. अपने लंबे करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है. कानून-व्यवस्था, प्रशासन, नीति निर्माण और सरकारी योजनाओं के संचालन जैसे क्षेत्रों में उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाई हैं. उनकी पहचान ऐसे अधिकारी के रूप में रही है जो जटिल मामलों को व्यवस्थित तरीके से संभालने में सक्षम माने जाते हैं. यही कारण है कि केंद्र सरकार ने उन्हें कई अहम पदों पर जिम्मेदारी दी.
गृह मंत्रालय में निभाई अहम भूमिका
CBSE का चेयरमैन बनने से पहले लोखंडे प्रशांत सीताराम गृह मंत्रालय (MHA) में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे. गृह मंत्रालय केंद्र सरकार के सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों में गिना जाता है, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा, प्रशासनिक समन्वय और कई बड़े फैसलों पर काम होता है. इस पद पर रहते हुए उन्होंने कई अहम मामलों की निगरानी की. बड़े प्रशासनिक अनुभव और नीति निर्माण की समझ को देखते हुए अब उन्हें शिक्षा क्षेत्र की सबसे जरूरी जिम्मेदारियों में से एक सौंपी गई है.
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CBSE चेयरमैन को कितनी मिलती है सैलरी?
CBSE चेयरमैन को हर महीने करीब 3 से 3.5 लाख रुपये तक वेतन मिलता है. इसमें 2 से 2.25 लाख रुपये बेसिक पे के साथ DA, HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे भत्ते शामिल होते हैं. इसके अलावा उन्हें सरकारी आवास और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं. उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक वरुण भारद्वाज को भी नई जिम्मेदारी देते हुए सीबीएसई का सचिव (निदेशक स्तर) नियुक्त किया गया है.
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