एआई से जुड़े करियर के लिए इंजीनियरिंग की डिग्री होना जरूरी नहीं है। इसके लिए छात्रों को बीए की पढ़ाई के साथ कम्युनिकेशन, विश्लेषण और सोचने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।
एआई के लिए इंजीनियरिंग की डिग्री होना जरूरी नहीं
एआई से जुड़े करियर के लिए इंजीनियरिंग की डिग्री होना जरूरी नहीं है। इसके लिए छात्रों को बीए की पढ़ाई के साथ कम्युनिकेशन, विश्लेषण और सोचने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। इससे इतिहास के छात्रों के लिए एआई आधारित कंटेंट स्ट्रेटजी, डिजिटल मार्केटिंग, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, एआई रिसर्च, नॉलेज मैनेजमेंट और बिजनेस डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में अवसर बन रहे हैं। चैटजीपीटी, माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट और गूगल जेमिनी जैसे एआई टूल्स के साथ एसईओ, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग, एक्सेल, पावर बीआई और बेसिक डेटा एनालिसिस जैसी स्किल्स सीखना होगा। कोर्सेरा, उडेमी और स्वयं जैसे प्लेटफॉर्म से सर्टिफिकेशन, इंटर्नशिप के जरिए व्यावहारिक अनुभव हासिल किया जा सकता है। ग्रेजुएशन के बाद इतिहास में उच्च शिक्षा या कार्य अनुभव के बाद मार्केटिंग, बिजनेस एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में एमबीए भी कर सकते हैं।
प्रश्न – मैं टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी से बीटेक फाइनल ईयर का छात्र हूं और डिप्लोमा भी किया है। किस कंपनी में प्लेसमेंट के बाद टेक्सटाइल बिजनेस सीखने का बेहतर अवसर मिलेगा? क्या कुछ साल नौकरी करनी चाहिए या अभी से बिजनेस शुरू करना सही फैसला होगा? – मो. दानिश
अपना टेक्सटाइल बिजनेस शुरू करने से पहले कुछ वर्षों का इंडस्ट्री अनुभव हासिल करना बेहतर कदम होगा। फ्रेश ग्रेजुएट्स को ऐसी कंपनियों में काम करने का लक्ष्य रखना चाहिए, जहां आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और वैश्विक बाजार का अनुभव मिले।अरविंद लिमिटेड, वेलस्पन इंडिया, वर्धमान टेक्सटाइल्स, रेमंड, आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल, ट्राइडेंट ग्रुप, नाहर स्पिनिंग मिल्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के टेक्सटाइल डिवीजन जैसे संस्थान सीखने और अनुभव हासिल करने के अच्छे अवसर देते हैं। निर्यात से जुड़ी कंपनियों में काम करने से वैश्विक बाजार और ग्राहकों की जरूरतों को समझने का अनुभव मिलता है।
शुरुआती वर्षों में ज्यादा सैलरी के बजाय सीखने और अनुभव हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए। टेक्सटाइल प्रोडक्शन, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, टेक्निकल टेक्सटाइल, क्वालिटी, एक्सपोर्ट और मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में अनुभव के साथ ऑटोमेशन, एआई, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबिलिटी जैसी नई तकनीकों की जानकारी करियर को मजबूत आधार देती है।
ग्रेजुएशन के तुरंत बाद बिजनेस शुरू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि शुरुआती दौर में अनुभव और बाजार की जानकारी सीमित होती है। तीन से पांच साल इंडस्ट्री में काम करने से तकनीकी ज्ञान, नेटवर्क और बिजनेस की समझ विकसित होती है, जो आगे चलकर सफल टेक्सटाइल बिजनेस के लिए मजबूत नींव बनता है।
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