सेंट्रल अरेकानट एंड कोकोआ मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग को-ऑपरेटिव (कैम्पको) ने 2025-26 में मालदीव को 130 टन प्रीमियम सुपारी का निर्यात किया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच बढ़ाने के लिए यह नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड में शामिल हुआ है। कैम्पको के अध्यक्ष एस.आर. सतीशचंद्र ने यहां संवाददाताओं को यह जानकारी देते हुए बताया कि कैम्पको ने 2025-26 के दौरान 3,735 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल किया और सुपारी की कीमतों में उतार-चढ़ाव एवं कोकोआ के क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण स्थितियों के बावजूद इसका कर पूर्व लाभ 49.62 करोड़ रुपये रहा। उन्होंने कहा कि इस सहकारी संगठन के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 14 प्रतिशत लाभांश की सिफारिश की है।
सतीशचंद्र ने बताया कि बीते वित्त वर्ष के दौरान कैम्पको ने 2,924.32 करोड़ रुपये मूल्य की 58,742.76 टन सुपारी खरीदी जिसमें 24,052 टन लाल सुपारी और 34,690 टन सफेद सुपारी शामिल है। उन्होंने सुपारी के बढ़ते आयात पर चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि आयातित सुपारी को घरेलू सुपारी के साथ मिलाकर बेचा जा रहा है। कैम्पको ने केंद्र सरकार से आयात की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, नियमों को सख्ती से लागू करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि आयातित सुपारी को घरेलू उत्पाद के तौर न बेचा जाए।
उन्होंने ने उत्तर प्रदेश में सुपारी पर लागू मंडी शुल्क का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इससे अंतर-राज्यीय व्यापार की लागत बढ़ती है। इस मामले को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष भी उठाया गया है। सतीशचंद्र ने बताया कि कैम्पको की चॉकलेट फैक्टरी ने 2025-26 के दौरान 12,606 टन चॉकलेट का उत्पादन किया और कोकोआ एवं चॉकलेट उत्पादों की बिक्री 488.65 करोड़ रुपये की रही।
इसके प्रीमियम चॉकलेट की श्रृंखला अब बेंगलुरु के केंपेगौडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि कैम्पको ने बीते वित्त वर्ष के दौरान 1,704.77 टन रबड़ और 1,656.12 टन कालीमिर्च की खरीद की। कैम्पको के सदस्यों की संख्या 31 मार्च, 2026 तक 1,53,794 लोगों की रही।
कैम्पको 16 और 17 जनवरी, 2027 को मंगलुरु में अंतरराष्ट्रीय सुपारी सम्मेलन का आयोजन कर रहा है।
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