बॉक्स ब्रीदिंग को फोर-स्क्वायर ब्रीदिंग भी कहा जाता है। यह एक सरल और व्यवस्थित श्वास व्यायाम है। जिसका उपयोग एथलीट, नेवी सील्स और ज्यादा तनाव वाले व्यवसायों में कार्यरत लोग एकाग्रता और आत्म नियंत्रण प्राप्त करने के लिए करते हैं। यह स्वायत्त तंत्रिका तंत्र को शांत करके, शरीर के प्रमुख तनाव हार्मोन कोर्टिसोल को घटाकर और रक्तचाप को कम करके कार्य करता है।
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कैसे करें बॉक्स ब्रीदिंग
इसको करने के लिए 4 की गिनती तक धीरे-धीरे नाक से सांस लें।
फिर 4 की गिनती तक सांस रोकें।
अब अपने मुंह से धीरे-धीरे चार की गिनती तक सांस बाहर निकालें।
फिर से यह प्रोसेस दोहराएं।
यह एक बॉक्स ब्रीदिंग है और इसके प्रभाव को महसूस करने के लिए प्रोसेस को 4-5 मिनट तक दोहराएं। आप बॉक्स ब्रीदिंग का अभ्यास कहीं भी कर सकते हैं। आप इसको अपनी कार में, डेस्क पर या सोने से पहले कर सकते हैं।
बॉक्स ब्रीदिंग करने के सबसे आसान तरीकों में एक काल्पनिक वर्ग का पता लगाना – चित्र बनाकर, अपनी उंगलियों का इस्तेमाल करके या अपने मन में एक वर्ग की कल्पना करके।
इससे न सिर्फ पूरा ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलता है। बल्कि गतिविधि में पूरी तरह से उपस्थिति होने में भी मदद करता है। तनाव सहनशीलता के जरूरी सिद्धांतों में से एक है वर्तमान क्षण के प्रति सचेत रहना है। अतीत या भविष्य में गोते न लगाना और बॉक्स ब्रीदिंग वर्तमान में चल रही सांस पर ध्यान केंद्रित करने में मददगार होती है।
बॉक्स ब्रीदिंग विशेष रूप से तीव्र भावनात्मक क्षणों में सहायक होती है। इसमें आपका दिल तेजी से धड़कता है और आपके विचार बेकाबू हो जाते हैं। इस तकनीक से सिर्फ एक या दो मिनट ही आपको शांति या स्पष्टता प्रदान कर सकते हैं। समय के साथ नियमित अभ्यास करने से तनाव से निपटने की क्षमता बढ़ सकती है।
अगर आप मेडिटेशन या माइंडफुलनेस में नए हैं, तो बॉक्स ब्रीदिंग से शुरूआत करना अच्छा है। आपको सिर्फ अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। कुछ मिनटों का सचेत ध्यान।
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।