मार्केट में दो तरह के गुड़ मिलते हैं, काला गुड़ और पीला गुड़। इन दोनों में से कौन सा सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है और किस में केमिकल्स हैं; इन सभी सवालों का जवाब यहां जान सकते हैं। अच्छा गुड़ कैसे चुनना है, उससे जुड़ी टिप्स भी हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं।
काले और पीले गुड़ में सिर्फ रंग का अंतर नहीं होता
आमतौर पर ये कन्फ्यूजन देखने को मिलती है कि काला गुड़ ज्यादा अच्छा है या पीला गुड़। कई लोग मानते हैं कि पीले गुड़ में केमिकल होता है, तो वहीं कुछ लोगों को लगता है कि काला गुड़ पुराना और बेकार होता है। दरअसल काले और पीले गुड़ में सिर्फ रंग का ही फर्क नहीं होता है, बल्कि प्रोसेसिंग यानी बनाने का तरीका भी अलग होता है। प्रोसेसिंग के अलग तरीके की वजह से गुड़ में न्यूट्रिशन और क्वॉलिटी का भी फर्क हो जाता है, इसलिए खरीदते समय इसका रंग देखना काफी कुछ बता देता है।
कैसे बनाया जाता है काला गुड़?
काला गुड़ भी गन्ने के रस से ही बनता है, लेकिन इसे बनाने का तरीका थोड़ा अलग होता है। इसमें गन्ने के रस को काफी देर के लिए पकाया जाता है, जबतक वो गाढ़ा और गहरे रंग का नहीं हो जाता। इसमें किसी तरह का केमिकल इस्तेमाल नहीं होता है, इसलिए इससे बनने वाला गुड़ भी काले रंग का ही होता है।
क्या पीले गुड़ में मिलाया जाता है केमिकल?
पीले गुड़ को बनाने का तरीका थोड़ा सा अलग होता है। दरअसल इसे बनाते समय गन्ने के रस को साफ करने के लिए सोडियम हाइड्रोसल्फाइट जैसे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इससे गुड़ देखने में काफी चमकदार और साफ लगता है, लेकिन केमिकल प्रोसेसिंग की वजह से इसमें मौजूद कुछ मिनरल नष्ट हो जाते हैं।
पीला या काला गुड़, कौन सा सेहत के लिए बेहतर?
अगर बेहतर की बात करें तो काला गुड़ ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। चूंकि इसमें किसी भी तरह के केमिकल्स का इस्तेमाल नहीं होता है, इसलिए ये ज्यादा पोषक तत्वों से भरपूर होता है। काले गुड़ में आयरन, कैल्शियम जैसे मिनरल्स की मात्रा भी भरपूर पाई जाती है। हालांकि ये भी शुगर का नेचुरल फॉर्म है, इसलिए एक्सपर्ट्स गुड़ का सेवन लिमिट में करने की सलाह देते हैं।
अच्छा गुड़ चुनने के लिए ध्यान रखें ये बातें
बाजार में अच्छा गुड़ चुनने के लिए रंग के अलावा इसकी बनावट पर भी ध्यान दें। अगर गुड़ आराम से हाथ से टूट रहा है, तो उसे ना लें। क्योंकि ये केमिकली ट्रीटेड हो सकता है। इसके अलावा गुड़ को चख कर देखें। अगर इसमें हल्का सा नमकीन टेस्ट आता है, तो ना लें। ये बासी गुड़ हो सकता है क्योंकि रखे-रखे गुड़ के मिनरल्स नमकीन टेस्ट देने लगते हैं।
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