हर एक नेचर लवर को पहाड़, हरे-भरे जंगल और नदियों के आसपास रहना किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता है। हरियाली के आसपास बैठे रहना हर किसी को काफी पसंद होता है। प्रकृति के गोंद में हम जब होते हैं, तो पंछियों की चहचहाहट काफी सुनाई देती है। सुबह के समय आपके हाथ में एक चाय का कप है, तो आपकी ट्रिप तो शानदार बन ही जाएगी।
यदि आप इस मोमेंट को इसी विंटर सीजन में एंजॉय , तो आपके लिए जंगल सफारी सबसे बेस्ट ऑप्शन हो सकता है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व, उत्तर प्रदेश
अगर आप शानदर जंगल सफारी को मजा लेना चाहते हैं, तो आप पीलीभीत टाइगर रिजर्व वन्यजीव अभयारण्य जा सकते हैं। इसको साल 2014 में तैयार किया गया। इधर आपको रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुए, बारासिंगा समेत कई दुर्लभ प्रजातियां देखने को मिलेगी। इस टाइगर रिजर्व का सबसे मुख्य आकर्षण चूका बीच है। अक्तूबर से फरवरी के बीच का समय यहां घमने के लिए सबसे बढ़िया जगह है।
रणथंभौर नेशनल पार्क, राजस्थान
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले ममें स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क प्रकृति प्रेमियों की बकेट लिस्ट में सबसे होता है। तीन महीने पहले ही इस नेशनल पार्क को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। यह जगह बाघों का प्राकृतिक आवास मानी जाती है, क्योंकि दिन में भी बाघ जंगल में घूमते नजर आ जाते हैं। अक्तूबर से लेकर मार्च तक के लिए यह समय बेहद खास है।
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में जिम कॉर्बेट स्थित है। भारत का पहला और सबसे पुराना नेशनल पार्क है, जिसकी स्थापना साल 1936 में हेली नेशनल पार्क के नाम से की गई थी। यहां पर आपको रॉयल बंगाल टाइगर, हाथी, तेंदुए, भालू और हिरण और अन्य वन्यजीव देखने को मिल जाएंगे। यहां पर 500 से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियां देखने को मिलती है। जिम कॉर्बेट जाने का सबसे सही समय अक्तूबर से फरवरी और फिर मार्च से जून है।
पन्ना टाइगर रिजर्व, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में स्थित पन्ना टाइगर रिजर्व भारत का 22वां और एमपी का पांचवां बाघ अभयारण्य है। इस महीने में यह टाइगर रिजर्व भी 3 महीने के लंबे गैप के बाद पर्यटकों के लिए खोल दिया जाता है। यहां पर पर्यटकों की जिप्सी सफारी से बाघ के साथ ही तेंदुआ, भालू, चिंकारा और बाकी वन्यजीवो को देख सकते हैं। यहां पर आने का समय अक्टूबर से जून तक का समय घूमने के लिए बेस्ट है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.