2 लाख के पार भी जा सकता है सोना
केडिया कमोडिटिज के प्रेसीडेंट अजय केडिया ने दावा किया है कि इस साल तो सोना 1.70 से 1.80 लाख रुपसे प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है, लेकिन साल-डेढ़ साल में अगर यह 2 लाख के पार भी जा सकता है।
उन्होंने इसके पीछे डी-डॉलराइजेशन को महत्वपूर्ण कारण माना है। अगर इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4300 डॉलर प्रति औंस पर टिक जाता है तो यह 4600 डॉलर तक पहुंच सकता है। डेढ़ साल में 6000 डॉलर तक पहुंच सकता है।
आज सोने-चांदी के रेट में बढ़ोतरी की वजहें
डॉलर में नरमी और तेल की कीमतों का असर: डॉलर इंडेक्स में कमी आने से डॉलर में आधारित सोना-चांदी दूसरी मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सस्ता हो गया है। वहीं, कच्चे तेल के दाम करीब 88 डॉलर प्रति बैरल पर बने हुए हैं, क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर अनिश्चितता बनी है।
इस समझौते से होर्मुज को फिर से खोले जाने की उम्मीद थी, लेकिन ईरान ने साफ किया है कि जब तक अमेरिका अपनी कार्रवाई समाप्त नहीं करता और नुकसान का मुआवजा नहीं देता, तब तक यह स्ट्रेट बंद रहेगा।
महंगाई के आंकड़ों पर नजर: अब बाजार की निगाहें बुधवार को आने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और गुरुवार को आने वाले उत्पादक मूल्य सूचकांक के आंकड़ों पर है। इनसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति की दिशा का संकेत मिलेगा।
सोने-चांदी पर एक्सपर्ट्स की क्या है राय
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने अपनी बढ़त को दो महीने से अधिक के हाई तक पहुंचा दिया है। अमेरिकी यील्ड, डॉलर और ऊर्जा की कीमतों में तेजी के दबाव के बावजूद मजबूत खरीदारी का रुख कायम है। उन्होंने कहा कि हालिया अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों के बाद शॉर्ट कवरिंग, फोमो खरीदारी और नए सिरे से सुरक्षित निवेश की मांग ने इस तेजी को समर्थन दिया है।
अब निवेशक फेड की ब्याज दर के रास्ते के लिए सीपीआई और पीपीआई आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, और बाजार सितंबर में ब्याज दर बढ़ोतरी की 52 फीसदी संभावना जता रहा है। चीन की मांग भी सोने के लिए सहायक है, जबकि होर्मुज को लेकर जारी घटनाक्रम एक अहम भू-राजनीतिक संकेत बना हुआ है।
सोने के भाव का आगे का रुख
रवि सिंह ने बताया कि सोने की कीमतें अब ₹1,54,500 प्रति 10 ग्राम के नजदीकी प्रतिरोध क्षेत्र के पास पहुंच गई हैं। अगर यह स्तर लगातार पार हो जाता है, तो अगली बढ़त ₹1,58,000 तक जा सकती है। नीचे की तरफ ₹1,51,000 तत्काल सपोर्ट है, जबकि ₹1,47,600 प्रमुख सपोर्टिव जोन है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतेन त्रिवेदी का कहना है कि अगर महंगाई के आंकड़े कमजोर आते हैं तो सोने को सपोर्ट मिल सकता है, जबकि उम्मीद से अधिक सीपीआई मजबूत डॉलर और ऊंची यील्ड के चलते कुछ मुनाफावसूली को ट्रिगर कर सकता है। तकनीकी तौर पर, एमसीएक्स सोना निकट अवधि में ₹1,50,000–₹1,54,000 के दायरे में कारोबार करता रहेगा।
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