पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) टी20 विश्व कप में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन और सेमीफाइलन से पहले बाहर होने के बाद खिलाड़ियों पर आर्थिक दंड लगाने पर विचार कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक यह जुर्माना प्रति खिलाड़ी 50 लाख पाकिस्तानी रुपये (करीब 18,000डॉलर) तक हो सकता है। टीम के बड़े टूर्नामेंटों में लगातार खराब प्रदर्शन के बाद बोर्ड सख्त रुख अपनाने को तैयार है।
सूत्रों के अनुसार, खिलाड़ियों के पारिश्रमिक में तत्काल कटौती की खबरें सही नहीं हैं, लेकिन भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में आयोजित आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के सुपर आठ चरण से बाहर होने के मद्देनजर कार्रवाई पर मंथन जारी है।
सूत्र ने पीटीआई से कहा, “अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन खिलाड़ियों पर वित्तीय जुर्माना लगाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।”
उन्होंने हलांकि संभावित कार्रवाई के स्वरूप का खुलासा नहीं किया।
उन्होंने बताया कि इस बात पर भी बहस हो रही है कि खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से दंडित करना सही कदम होगा या नहीं।
दूसरी ओर कुछ अन्य सूत्रों का दावा है कि रविवार रात स्वदेश लौटे खिलाड़ियों पर प्रति सदस्य 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगभग तय माना जा रहा है।
पाकिस्तान सेमीफाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहा। टीम को चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत और इंग्लैंड जैसी बड़ी टीमों से हार का सामना करना पड़ा, जबकि सुपर आठ में न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। सुपर आठ चरण के आखिरी मैच में श्रीलंका को हराने के बावजूद टीम अंतिम चार में नहीं पहुंच सकी।
सूत्र के मुताबिक खिलाड़ियों का प्रदर्शन न केवल पीसीबी बल्कि सरकार के प्रभावशाली हलकों को भी निराश कर गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘आम भावना यही है कि अब बहुत हो चुका। इतने समर्थन के बावजूद खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंटों में देश को निराश कर रहे हैं।’’
टीम के खिलाड़ी भी छोटे-छोटे समूहों में श्रीलंका से स्वदेश लौटे। कप्तान सलमान अली आगा और स्टार बल्लेबाज बाबार आजम समेत कुछ खिलाड़ी सोमवार रात लाहौर पहुंचे।
केंद्रीय अनुबंध वाले खिलाड़ियों को मासिक रिटेनर के अलावा मैच फीस, जीत बोनस और बोर्ड के टीम प्रायोजन सौदों में हिस्सेदारी भी मिलती है।
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