जबलपुर में 30 अप्रैल को हुए बरगी क्रूज हादसे में मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। घटना के 13 दिन बाद मैकल रिसोर्ट के नाम से लिखा गया एक पत्र सामने आया है। इसमें 1 मार्च को ही निगम को बता दिया था कि क्रूज खराब है। इसके बावजूद क्रूज को बंद नहीं किया गया। पत्र में लिखा है कि क्रूज पानी में उतारने लायक नहीं है। यानी खामियों की जानकारी होने के बावजूद पर्यटकों को बैठाकर क्रूज डैम में उतारा और हादसे में 13 लोगों की जान चली गई। मामले में दैनिक भास्कर ने जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह से बातचीत की की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। पर्यटन निगम बोले- पत्र के बारे में जानकारी नहीं वहीं, पर्यटन निगम के सलाहकार राजेंद्र निगम से बातचीत की। उन्होंने कहा- कौन-सा पत्र वायरल हो रहा है, इसकी उन्हें फिलहाल जानकारी नहीं है। किसी ने वह पत्र उन्हें भेजा जरूर था, लेकिन उन्होंने अभी उसका परीक्षण नहीं किया है। राजेंद्र निगम ने कहा- दिसंबर माह से मैकलसुता क्रूज प्रतिदिन पांच-पांच चक्कर लगा रहा था। रविवार को यह संख्या बढ़कर 10 राउंड तक पहुंच जाती थी, जिसकी जानकारी लॉगबुक में दर्ज है। उन्होंने स्वीकार किया कि दूसरा क्रूज ‘रेवा’ खराब होने के कारण खड़ा किया गया था, लेकिन मैकलसुता क्रूज पूरी तरह संचालित स्थिति में था। उनका कहना है कि मैकलसुता के इंजन को बदलने की योजना जरूर चल रही थी, लेकिन क्रूज में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी नहीं थी। बोट बिल्डर ने कहा था, दोनों इंजन बदलना चाहिए… रिसोर्ट ने अपने पत्र का विषय – इकाई में उपलब्ध वोट्स के सुधार कार्य बाबत… लिखा है। पत्र में आगे लिखा है कि दो क्रूज उपलब्ध हैं, जिसमें मैकलसुता क्रूज वर्ष 2006 में आया था। इसे लगभग 20 वर्ष हो गए हैं। दूसरा क्रूज रेवा वर्ष 2007 में आया, जिसे लगभग 19 साल हो गए। दोनों क्रूज के इंजन में कई बार सुधार कार्य हो चुका है, लेकिन अब यह बार-बार खराब होते हैं। इस संबंध में कई बार पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है। रेवा क्रूज बोट 14 जनवरी 2025 को राउंड के दौरान दोनों इंजन बंद हो गए थे। हैदराबाद बोट बिल्डर द्वारा मेल के माध्यम से अवगत कराया गया कि इंजन काफी पुराने हो गए हैं। स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं हो पा रहे। अतः दोनों इंजन ही बदलना चाहिए। मैकलसुता का एक इंजन ठीक नहीं दूसरा क्रूज मैकलसुता चालू हालत में है, परंतु इसका भी एक इंजन ठीक तरह से लोड नहीं कर रहा है। इससे क्रूज को किनारे लगाने में एवं राउंड पर निकलते समय काफी कठिनाई होती है। कभी-कभी तेज हवाओं में लहरों के चलते स्पीड बोट का सहारा लेकर निकलना एवं लगाना पड़ता है। दूसरा इंजन जो अच्छे से लोड लेता है, वह कई बार स्टार्ट होने में दिक्कत देता है। इसकी सेल्फ की गरारी चढ़ जाती है। इस वजह से क्रूज बोट की सेवाएं बंद करनी पड़ती है। इसके पर्यटकों को द्वारा नाराजगी व्यक्त की जाती है। वर्तमान में इकाई में एक क्रूज मैकलसुता संचालित है, जिसका इंजन का सुधार कार्य कराया जाना आवश्यक है, अन्यथा क्रूज चलाना किसी भी समय बंद करना पड़ सकता है। पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले और वर्तमान में क्रूज के चलन को ध्यान में रखते हुए सुधार कर अथवा इंजन बदला जाना अति आवश्यक है, जिससे इकाई को वर्तमान में हो रही वित्तीय हानि की पूर्ति पर्यटक सीजन में की जा सके। कई बार अधिकारियों को खतरे के बारे में बताया गया मैकल रिसोर्ट प्रबंधन ने एक बार नहीं, बल्कि कई बार अधिकारियों को खतरे के बारे में बताया था। पत्र क्रमांक 45,108 और 169 में लगातार इंजन की हालत खराब हालत और उन्हें बदलने का जिक्र भी किया गया था। इसके बावजूद मध्य प्रदेश पर्यटन निगम के अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जब एमपीटी के क्षेत्रीय प्रबंधक को इस पूरी स्थिति की जानकारी तो फिर पर्यटकों को जानलेवा क्रूज पर यात्रा करने के लिए क्यों भेजा गया। ………………………………………. ये खबर भी पढ़ें… जबलपुर हाईकोर्ट में बरगी क्रूज हादसा पर सुनवाई जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सोमवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब पेश करते हुए बताया गया कि मामले की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित किया गया है, जो पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है।पूरी खबर पढ़ें
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