थिरा सुरेश की नौकरी अमेरिका की सबसे बड़ी तेल कंपनी एक्सॉनमोबिल में नौकरी लगी थी। अच्छा-खासा करियर था, पैसा और पोजिशन दोनों थी, लेकिन इंडियन आर्मी की खाकी वर्दी के सामने यह करियर फीका पड़ गया। जी हां, एक्सॉनमोबिल की नौकरी छोड़कर उन्होंने इंडियन आर्मी का रुख किया और अब वो अफसर बन गयी हैं।
कौन हैं अथिरा सुरेश
बता दें कि अथिरा की कहानी तब सामने आई, जब PRO डिफेंस प्रयागराज ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में उनकी कहानी का जिक्र किया। अथिरा केरल के कालीकट की रहन वाली हैं। उनके पिता भी आर्मी में हैं। अथिरा के पिता सुरेश कोर ऑफ सिग्नल में नाइक पद पर कार्यरत हैं। आर्मी में जाने की प्रेरणा भी उन्हें अपने पिता से मिली। इसलिए उन्होंने लाखों की अमेरिकी जॉब को छोड़कर देश सेवा में आने का फैसला किया। चलिए अब इनकी करियर जर्नी के बारे में बताते हैं।
पढ़ाई-लिखाई
अथिरा पढ़ाई में पहले से ही होशियार थीं। अपनी 10वीं और 12वीं की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने आईआईटी-जेईई परीक्षा पास किया। इसके बाद अथिरा ने एनआईटी कालीकट से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद अथिरा ने दिग्गज ऊर्जा और पेट्रोलियम कंपनियों में से एक एक्सॉनमोबिल में करियर की शुरुआत की। यहां उनकी सैलरी हाई थी और उन्हें कई तरह की सुविधाएं भी मिली थीं। लेकिन उनको हमेशा से देश सेवा करने का जुनून सवार था। बस क्या था, इंडियन आर्मी के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी।
पहले ही अटेंप्ट में एसएसबी परीक्षा पास
अथिरा ने नौकरी छोड़कर SSB की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में इसे पास कर लिया। इसके बाद उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, गया में कड़ी और चुनौतीपूर्ण सैन्य ट्रेनिंग पूरी की। बता दें कि 5 सितंबर 2026 को बिहार के गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में पासिंग आउट परेड हुई। ओटीए गया की पासिंग आउट परेड में अथिरा सुरेश को भारतीय सेना में आधिकारिक तौर पर एक अधिकारी के रूप में कमीशन प्रदान किया गया है।
बता दें कि ट्रेनिंग के बाद देश को 253 नए सैन्य अफसर मिले हैं। इनमें शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल एंट्री) पुरुष-65 के 218 और एसएससी (टेक्निकल) महिला-36 की 35 अफसर कैडेट भारतीय सेना का हिस्सा बनीं।
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