BTech Hindi Medium: SGSITS कॉलेज में अब B.Tech सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी मीडियम में होगी। इससे हिंदी भाषी छात्रों के लिए बीटेक करना बेहद आसान होगा और उन्हें 2 लाख रुपये भी मिलेंगे।
हिंदी मीडियम छात्रों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
आमतौर पर देश के अधिकांश इंजीनियरिंग कॉलेजों में B.Tech की पढ़ाई पूरी तरह से इंग्लिश मीडियम में ही होती है। इसके कारण सरकारी स्कूलों या हिंदी मीडियम के बोर्ड से 12वीं करने वाले छात्रों को कॉलेज के शुरुआती वर्षों में टेक्निकल कॉन्सेप्ट्स और अंग्रेजी भाषा को समझने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
SGSITS इंदौर द्वारा सिविल इंजीनियरिंग ब्रांच को हिंदी भाषा में पढ़ाई कराने से छात्रों को कठिन इंजीनियरिंग प्रिंसिपल और कांसेप्ट्स को अपनी मातृभाषा में आसानी से समझने का मौका मिलेगा। विषय की प्रैक्टिकल नॉलेज को बिना भाषा की बाधा के बेहतर तरीके से सीखा जा सकेगा। छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे परीक्षा तथा प्रोजेक्ट्स में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकेंगे।
छात्रों को 2 लाख रुपये भी मिलेंगे
मध्य प्रदेश सरकार हिंदी माध्यम से B.Tech सिविल इंजीनियरिंग करने वाले छात्रों को वित्तीय सहायता देगी। फाइनल ईयर में पहुंचने पर छात्रों को 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिससे उनका करियर अधिक मजबूत बन सकेगा।
नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा
केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत देश भर में मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषाओं में उच्च और तकनीकी शिक्षा प्रदान करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार भी मेडिकल और इंजीनियरिंग शिक्षा को हिंदी में उपलब्ध कराने में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रही है।
SGSITS इंदौर ने इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए सिविल इंजीनियरिंग विभाग में हिंदी मीडियम की कक्षाएं और स्टडी मटेरियल तैयार किया है। इंस्टीट्यूट का लक्ष्य है कि आने वाले समय में अन्य ब्रांच जैसे मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल में भी हिंदी मीडियम के विकल्प को बेहतर किया जाए।
छात्रों के लिए क्यों खास है यह मौका?
SGSITS इंदौर का नाम मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे मध्य भारत के बेहतरीन सरकारी तकनीकी संस्थानों में गिना जाता है। यहां से हिंदी मीडियम में सिविल इंजीनियरिंग करने वाले छात्रों को न केवल बेहतरीन फैकल्टी का मार्गदर्शन मिलेगा, बल्कि प्लेसमेंट और करियर के अवसरों में भी पूरी बराबरी मिलेगी।
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