गोगोई के साथ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिव सुप्रकाश तालुकदार, असम जातीय परिषद अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख जोन्स इंगती कथार भी मौजूद थे. विपक्षी गठबंधन ने अभी तक अपनी सीट बंटवारे की घोषणा नहीं की है, कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मैत्रीय मुकाबला होने की संभावना है. हालांकि, कांग्रेस ने 42 सीट के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं.
कांग्रेस नेता गोगोई ने कहा कि चुनाव अप्रैल के मध्य में बोहाग बिहू से पहले होने की संभावना है, जिससे आने वाले सप्ताह राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि हालांकि विपक्षी पार्टियों ने पहले एकसाथ मिलकर चुनाव लड़ने पर चर्चा की थी, लेकिन वे संगठनात्मक कार्यों, मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण और संबंधित गतिविधियों में व्यस्त हो गए थे.
जोरहाट विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार घोषित किये गए गोगोई ने कहा, ‘हमें लगा कि अब समय आ गया है कि हम अपने विचार जनता के सामने एकसाथ रखें. इसलिए, हम अब से संयुक्त अभियान शुरू करेंगे.’ जब उनसे पूछा गया कि क्या अन्य पार्टियां भी इस गठबंधन में शामिल होंगी, तो गोगोई ने कहा कि अभी भी चर्चा जारी है. उन्होंने कहा, “हम स्पष्ट संदेश दे रहे हैं कि आज से हम एकसाथ आ रहे हैं. लेकिन हमारे दरवाजे खुले हैं और हम दूसरों से भी बातचीत कर रहे हैं.”
एजेपी अध्यक्ष ने कहा कि चारों पार्टियों ने गठबंधन करके “जनता को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सांप्रदायिक भाजपा को सत्ता से हटाने के हमारे अभियान में हम एकजुट हैं.” उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि अन्य विपक्षी दल भी हमारे साथ जुड़ेंगे. हमारा संयुक्त अभियान शुरू हो चुका है.” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार राज्य की मूलभूत समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है, जिसके परिणामस्वरूप महंगाई और भ्रष्टाचार बढ़ गया है.
कथार ने दावा किया कि राज्य के लोगों, विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शिक्षा और रोजगार के समान अवसर नहीं मिल रहे हैं. उन्होंने कहा, “इसीलिए हमने एकजुट होकर लड़ने का फैसला किया है. हमारा उद्देश्य भाजपा को सत्ता से हटाना है.” तालुकदार ने कहा कि यह गठबंधन एक अच्छी शुरुआत है, जिसे अब मजबूत करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री की नफरत भरी राजनीति ने हमें देश के सामने शर्मिंदा किया है और हमें इसे बदलना होगा.”
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास 64 विधायक हैं. उसके सहयोगी दलों, एजीपी, यूपीपीएल और बीपीएफ के पास क्रमशः नौ, सात और तीन विधायक हैं. कांग्रेस के 26 विधायक हैं, एआईयूडीएफ के 15 और माकपा का एक विधायक है, इसके अलावा एक निर्दलीय सदस्य भी है.
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