पूर्व विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट को शनिवार को एशियाई खेलों के ट्रायल (चयन परीक्षण) में महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी गई, क्योंकि भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने उनकी भागीदारी को 50 किलोग्राम वर्ग तक सीमित रखने के अपने पूर्व रुख को पलट दिया।
शनिवार सुबह आधिकारिक वजन-माप के दौरान घटनाक्रम में नाटकीय मोड़ आया जब विनेश को सूचित किया गया कि उन्हें केवल 50 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी जाएगी, क्योंकि उन्होंने पेरिस ओलंपिक सहित अपनी पिछली चार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इसी भार वर्ग में भाग लिया था।
विनेश ने इस निर्णय पर कड़ा विरोध जताया और आरोप लगाया कि उन्हें अपनी पसंद के भार वर्ग में उतरने से रोककर महासंघ उनके साथ भेदभाव कर रहा है।
मौके पर मौजूद सूत्रों के अनुसार विवाद बढ़ने के बाद डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने हस्तक्षेप किया और विनेश को 53 किलोग्राम वर्ग के ट्रायल में भी भाग लेने की अनुमति देने का फैसला किया।
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने पीटीआई से कहा, ‘‘ विनेश के आरोप लगाने के बाद हमने अधिकारियों को उनका वजन मापने की अनुमति दी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहते। उन्होंने यह नहीं बताया था कि वह किस श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करना चाहती हैं, फिर भी हम उन्हें अनुमति दे रहे हैं।’’
इसके बाद विनेश का वजन 53.9 किलोग्राम दर्ज किया गया और उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग के ड्रॉ में शामिल कर लिया गया।
अब इस वर्ग में मुकाबला बेहद रोचक होने की संभावना है, क्योंकि विनेश का सामना अनुभवी पहलवान अंतिम पंघाल और उभरती हुई प्रतिभा मीनाक्षी गोयत से हो सकता है।
ट्रायल की तैयारी के दौरान मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में विनेश ने कहा कि वह अभी कम से कम दो वर्षों तक प्रतिस्पर्धी कुश्ती जारी रखने के इरादे से मैदान में उतरी हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां कम से कम दो साल के लिए हूं।’’
यह फैसला डब्ल्यूएफआई के लिए अपने पूर्व रुख से पीछे हटने जैसा माना जा रहा है। महासंघ अब तक यही कहता रहा था कि हाल के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में लगातार 50 किलोग्राम वर्ग में खेलने और भार वर्ग परिवर्तन की औपचारिक सूचना न देने के कारण विनेश पर केवल उसी श्रेणी में विचार किया जाएगा।
यह मामला पहले से ही चर्चा का विषय बना हुआ था। हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने डब्ल्यूएफआई को निर्देश दिया था कि विनेश को एक प्रतिष्ठित खिलाड़ी के रूप में मान्यता देते हुए एशियाई खेलों के चयन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दी जाए।
विनेश हालांकि अपने करियर में 53 किलोग्राम सहित कई भार वर्गों में प्रतिस्पर्धा कर चुकी हैं और वह ट्रायल में इसी वर्ग में भाग लेना चाहती थी।
ट्रायल के विजेता को इस वर्ष आयोजित होने वाले एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
डब्ल्यूएफआई द्वारा विनेश को 53 किलोग्राम वर्ग में शामिल किए जाने से कई घंटों से बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई है। इसके साथ ही भारत की सबसे सफल महिला पहलवानों में शुमार विनेश फोगाट के लिए एशियाई खेलों का टिकट हासिल करने की उम्मीद भी बरकरार है।
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