रेलिगेयर एंटरप्राइजेज (Religare Enterprises) के हालिया तिमाही नतीजे भी कंपनी के कारोबार में सुधार की तस्वीर दिखाते हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड टोटल इनकम वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 26% बढ़कर ₹2,358.43 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में ₹1,876.25 करोड़ था। हालांकि, कंपनी का कंसोलिडेटेड PAT यानी टैक्स के बाद मुनाफा ₹46.98 करोड़ के घाटे में रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने ₹8.12 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था।
कंपनी के अलग-अलग कारोबारों की बात करें तो केयर हेल्थ इंश्योरेंस (Care Health Insurance) ने अच्छा प्रदर्शन किया। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में उसका ग्रॉस रिटेन प्रीमियम (Gross Written Premium) सालाना आधार पर 37% बढ़कर ₹3,247 करोड़ हो गया। वहीं, उसका प्री-टैक्स प्रॉफिट 59% बढ़कर ₹163 करोड़ रहा। रेलिगेयर ब्रोकिंग (Religare Broking) की कुल आय 7% बढ़कर ₹99.5 करोड़ और PAT 65% बढ़कर ₹7.5 करोड़ हो गया। रेलिगेयर ब्रोकिंग (Religare Broking) की कुल आय ₹14.4 करोड़ रही, जबकि PAT ₹15.1 करोड़ दर्ज किया गया, जिसे मजबूत रिकवरी से मदद मिली।
कंपनी के मुताबिक, पहली तिमाही में उसका फोकस तेजी से सुर्खियां बटोरने के बजाय कारोबार की मजबूत नींव तैयार करने पर रहा। मैनेजमेंट ने कहा कि ग्रुप के अलग-अलग कारोबारों में पूंजी लगाई गई है, नेतृत्व ढांचा पूरा किया गया है और कॉरपोरेट गवर्नेंस को संस्थागत स्तर तक मजबूत किया गया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि आशीष धवन की लगातार खरीदारी और कंपनी के कारोबार में सुधार आने वाले समय में रेलिगेयर ब्रोकिंग (Religare Broking) के शेयर को कितनी मजबूती देते हैं। हालांकि, केवल किसी बड़े निवेशक की खरीदारी को देखकर शेयर में निवेश करना उचित नहीं है; निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और जोखिमों का भी आकलन करना जरूरी है।
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