एशियाई खेलों में कई पदक जीत चुकी राइफल निशानेबाज आशी चौकसे को भरोसा है कि अगर भारतीय टीम ‘बेसिक्स’ (बुनियादी बातें) पर अच्छी तरह से ध्यान दें तो उसे अगले महीने जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में रोकना आसान नहीं होगा। एशियाई खेल 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक खेले जाएंगे जिसमें भारत को निशानेबाजों से बड़ी उम्मीद है। उन्होंने 2018 में जकार्ता और 2023 में हांगझोऊ एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया था।
पिछले एशियाई खेलों में दो रजत और एक कांस्य पदक जीतने वाली 24 वर्षीय चौकसे ने कहा, ‘‘छोटी-छोटी बातें बहुत मायने रखती हैं। हमें पता है कि क्या करना है। हम जानते हैं कि कैसे निशाना साधना है।
लेकिन कुछ छोटी-छोटी बातें हैं जिन पर ध्यान नहीं दिया जाता। अगर हम ‘बेसिक्स’ पर अच्छी तरह से ध्यान दें तो मुझे लगता है कि हमें कोई रोक नहीं पाएगा।’’
चौकसे जानती हैं कि आइची-नागोया में उन्हें चीन से कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद है जो महाद्वीपीय स्तर पर भारत का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं चीन के निशानेबाजों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने के लिए वास्तव में उत्साहित हूं क्योंकि उसकी टीम बहुत मजबूत है।’’
चौकसे ने कहा, ‘‘पिछले एशियाई खेलों में महिलाओं की 50 मीटर 3 पोजीशन में हमने स्वर्ण (सिफत कौर समारा) और कांस्य (आशी चौकसे) पदक जीते थे, जबकि चीन ने रजत पदक जीता था।
हो सकता है कि वह इसका बदला लेने की कोशिश करें।’’
चौकसे ने 2023 के एशियाई खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा और महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन की टीम स्पर्धा में रजत और महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेल ओलंपिक के बाद सबसे बड़ी प्रतियोगिता है। मैं पहले भी एशियाई खेलों में खेल चुकी हूं और मैंने अच्छा प्रदर्शन किया था।
इसलिए मैं जानती हूं कि वहां बेहतर प्रदर्शन करने के लिए क्या करना होता है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.