इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को एंटी-नेशनल बताए जाने पर संगीतकार एआर रहमान ने रिएक्शन दिया है। दरअसल सोशल मीडिया पर फिल्म को एक वर्ग एंटी-नेशनल बता रहा है, क्योंकि इसमें पाकिस्तान को जासूसों और आतंकवादियों के बिना दिखाया गया है। रहमान ने एक ऐसे पोस्ट को अपनि इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया, और इस पर हंसने वाले इमोजी (LOL) का इस्तेमाल किया। जासूसों और आतंकवादियों के बिना बताया पाकिस्तान
दरसल रहमान ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट को शेयर किया, जिसमें लिखा था कि पाकिस्तानमें कोई जासूस या आतंकवादी नहीं है। दर्शक को इस बात से उलझन थी कि आखिर बिना इनके पाकिस्तान कैसे दिखाया जा सकता है, जबकि बाकी फिल्मों में यही सब होता है। इस पोस्ट को अपनी इंस्टा स्टोरी पर साझा करते हुए एआर रहमान ने लाफ आउट लाउड इमोजी का इस्तेमाल किया। फिल्म को पाकिस्तान से मिल चुकी तारीफ
इससे पहले ‘मैं वापस आऊंगा’ को पाकिस्तान से भी तारीफ मिल चुकी है। पाकिस्तानी फिल्ममेकर उमर नासिर अली ने इस फिल्म की जमकर तारीफ करते हुए इसे एक बेहद खूबसूरत और गहरी भावनात्मक फिल्म बताया है। उमर नासिर के मुताबिक, यह फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है क्योंकि वे खुद भी इसी विषय के आसपास एक फिल्म बना रहे हैं। इस बीच फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स का असर इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर भी दिख रहा है और फिल्म की कमाई सोमवार को कामकाजी दिन होने के बावजूद बढ़ गई है।
इम्तियाज से जैसी उम्मीद थी, वैसा ही पर्दे पर उतरा
फीचर फिल्मों और विज्ञापनों के मशहूर पाकिस्तानी डायरेक्टर उमर नासिर अली ने इंस्टाग्राम पर फिल्म को लेकर एक नोट शेयर किया है। उमर नासिर ने बताया कि ‘मैं वापस आऊंगा’ में जिन भावनाओं को दिखाया गया है, वे उनके दिल के काफी करीब हैं। दरअसल, वे खुद भी बंटवारे के बैकग्राउंड पर ‘चोर आए हम’ नाम से एक फिल्म बना रहे हैं। उनकी आगामी फिल्म भी यादों, अपनेपन और वतन वापसी की इसी भावना को दिखाती है। उमर ने कहा कि उन्हें इम्तियाज अली से जैसी उम्मीद थी, उन्होंने बिल्कुल वैसा ही शानदार सिनेमा पर्दे पर उतारा है। इम्तियाज-रहमान की सफल जोड़ी
‘मैं वापस आऊंगा’ फिल्म के जरिए निर्देशक इम्तियाज अली और संगीतकार एआर रहमान की जोड़ी एक बार फिर साथ आई है। यह दोनों का पांचवां कोलैबोरेशन है। इससे पहले वे ‘रॉकस्टार’, ‘हाईवे’, ‘तमाशा’ और ‘अमर सिंह चमकीला’ जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। फिल्म में गीतकार इर्शाद कामिल के साथ मिलकर रहमान ने संगीत तैयार किया है। फिल्म के साउंडट्रैक में ‘क्या कमाल है’, ‘मस्कारा’ और ‘इश्क मस्ताना’ जैसे गाने शामिल हैं, जिन्हें काफी पसंद किया जा रहा है। फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
फिल्म की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर धीमी रही थी। पहले दिन फिल्म ने 1.15 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था। हालांकि, दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और माउथ पब्लिसिटी के कारण फिल्म की कमाई में बढ़त देखी गई। सोमवार को फिल्म ने 1.25 करोड़ रुपए का कारोबार किया, जो पहले दिन से ज्यादा है। फिल्म अब धीरे-धीरे 10 करोड़ रुपए के आंकड़े की ओर बढ़ रही है। इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि फिल्म के भावुक पहलुओं की वजह से लोग इसे पसंद कर रहे हैं। तीन पीढ़ियों के अधूरे सफर की कहानी
फिल्म की कहानी तीन पीढ़ियों के भावनात्मक सफर को दिखाती है, जिसमें बंटवारे के जख्मों को एक प्रेम कहानी के साथ पेश किया गया है। कहानी पाकिस्तान के सरगोधा से भारत आए एक सिख परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। बंटवारे के समय युवा कीनू (वेदांग रैना) अपनी प्रेमिका अफसाना (शर्वरी) से अलग हो जाता है। करीब 70 साल बाद, 95 साल के हो चुके कीनू (नसीरुद्दीन शाह)अपने जीवन के आखिरी पड़ाव पर एक आखिरी बार सरगोधा वापस जाना चाहते हैं। इस यात्रा में उनका पोता निरवैर (दिलजीत दोसांझ) उनकी मदद करता है।
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