प्रदर्शन की तस्वीरें देखकर मन व्याकुल और दुखी हुआ-अनुपम खेर
वीडियो की शुरुआत में अनुपम खैर ने कहा, मेरे प्यारे छात्रों नमस्ते, एक दो दिन पहले आपके प्रदर्शन की तस्वीरें देखकर मन व्याकुल भी हुआ और दुखी भी। मैं भी कभी छात्र था। मैंने भी सपने देखे हैं, सवाल पूछे हैं और व्यवस्था से असहमति जताई है। आज भी मेरी संस्था में सैकड़ों विद्यार्थी हैं, इसलिए मैं आपकी बेचैनी, गुस्सा और उम्मीदों को बेहद करीब से समझ सकता हूं। किसी भी छात्र को अपनी बात कहने के लिए ऐसी परिस्थितियों से गुजरना दुखद है।
छात्र आंदोलन समाज की सबसे सच्ची आवाज-अनुपम खेर
‘अनुपम खेर ने अपने संदेश में आगे कहा, छात्र आंदोलनों में कोई स्वार्थ नहीं होता। छात्रों को सिर्फ अपने भविष्य की चिंता होती है, अपने अधिकारों की बात करनी होती है और देश को बेहतर बनाने का सपना होता है। उन्होंने कहा, “मेरी नजर में छात्र आंदोलन समाज की सबसे सच्ची आवाज है। इसलिए मैं दिल से आपके साथ हूं।”
छात्रों को एक्टर ने दी ये सलाह
हालांकि, अनुपम खेर ने छात्रों को एक बड़ी सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि जब आंदोलन में बाहर के लोग घुसने लगते हैं, तब सावधान हो जाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक और अवसरवादी लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे तत्व हर आंदोलन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने आते हैं, जिनका मकसद छात्रों का मुद्दा नहीं बल्कि अपना एजेंडा होता है।
अनुपम खैरे ने आगे कहा, “शुरू में आपको लगेगा कि जितने ज्यादा लोग जुड़ेंगे, आपकी ताकत उतनी ज्यादा बढ़ेगी। लेकिन अक्सर वही लोग आपकी सबसे बड़ी ताकत को सबसे बड़ी कमजोरी बना देते हैं। वे आपकी आवाज नहीं बनते, आपकी आवाज का इस्तेमाल करने लगते हैं। वे आपके दर्द को महसूस करने नहीं आते, आपके दर्द पर अपनी राजनीति की इमारत खड़ी करने आते हैं।”
आपकी आवाज पर किसी और का कब्जा न हो-अनुपम खेर
छात्रों को सलाह देते हुए एक्टर ने कहा, धीरे-धीरे मुद्दा छात्रों का नहीं रह जाता। कैमरे बाहरी लोगों के हो जाते हैं, नारे और मकसद भी उनके हो जाते हैं और नुकसान छात्रों का होता है। उन्होंने साफ कहा, छात्रों की लड़ाई छात्रों की ही रहनी चाहिए। सवाल पूछना और प्रदर्शन करना आपका अधिकार है, लेकिन यह आपकी जिम्मेदारी है कि आपकी आवाज पर किसी और का कब्जा न हो।
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