कंपनी के अनुसार, भारत सरकार ने KG/ONDSF/KG ONLAND/2025 और CB/ONDSF/CAMBAY ONLAND/2025 नाम के दो कॉन्ट्रैक्ट एरिया देने की मंजूरी दी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत DGH (Directorate General of Hydrocarbons) ने 31 अगस्त 2026 को कंपनी को पत्र के जरिए इन क्षेत्रों के आवंटन की जानकारी दी।
आंध्र प्रदेश और गुजरात में काम
इनमें पहला ब्लॉक आंध्र प्रदेश के KG (Krishna Godavari) बेसिन में स्थित ऑनशोर फील्ड है, जबकि दूसरा गुजरात के कैम्बे बेसिन (Cambay Basin) में है। हालांकि, इन क्षेत्रों का अंतिम आवंटन RSC (Revenue Sharing Contract) पर हस्ताक्षर होने के बाद पूरा होगा। DGH के मुताबिक कंपनी की बोली में शामिल वर्क प्रोग्राम, कमर्शियल शर्तें, क्षेत्रफल और अन्य विवरण RSC का हिस्सा बनाए जाएंगे।
कंपनी के लिए कितना पॉजिटिव?
इन नए ब्लॉक्स को बाजार कंपनी के लिए इसलिए भी सकारात्मक मान रहा है, क्योंकि गुजरात और आंध्र प्रदेश में एंटीलोपस सेलान एनर्जी (Antelopus Selan Energy) की पहले से ऑपरेशनल मौजूदगी है। कंपनी का कहना है कि नए कॉन्ट्रैक्ट एरिया उसके भविष्य की ग्रोथ को सपोर्ट करेंगे, यानी कंपनी के पास अब तेल और गैस की खोज तथा उत्पादन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए ज्यादा क्षेत्र उपलब्ध होंगे। यही उम्मीद शेयर में हालिया तेजी का एक बड़ा कारण मानी जा रही है। हालांकि, नए ब्लॉक्स मिलने का मतलब तुरंत उत्पादन या मुनाफे में बढ़ोतरी नहीं है। आगे विकास, निवेश, उत्पादन और कमर्शियल ऑपरेशन की प्रगति पर वास्तविक फायदा निर्भर करेगा।
शेयर प्रदर्शन
3 सितंबर 2026 (गुरुवार) को खबर लिखे जाने तक एंटीलोपस सेलान एनर्जी (Antelopus Selan Energy) का शेयर NSE पर 4.85% (+46.15 अंक) की तेजी के साथ 997.30 रुपये पर कारोबार कर रहा था। पिछले शेयर प्रदर्शन की बात करें तो ₹1,035.95 का नया रिकॉर्ड हाई बनाने के बाद स्टॉक अपने जनवरी 2026 के 52-वीक लो ₹357 से करीब 190 फीसदी ऊपर पहुंच चुका है। पिछले एक सप्ताह में शेयर लगभग 31 फीसदी, एक महीने में 23 फीसदी और तीन महीनों में करीब 18 फीसदी चढ़ा है। पिछले 6 महीनों में इसमें 90 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है, जबकि एक साल की अवधि में शेयर करीब 80 फीसदी मजबूत हुआ है। लंबी अवधि में भी इसने निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न दिया है और 5 साल में शेयर करीब 636 फीसदी चढ़ चुका है।
कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति कैसी है?
कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजे भी शेयर की तेजी को सपोर्ट करने वाले कारणों में शामिल हैं। FY27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून 2026 में एंटीलोपस सेलान एनर्जी (Antelopus Selan Energy) का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 384.14 फीसदी बढ़कर ₹54.32 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹11.22 करोड़ था। इसी तरह कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 157.26 फीसदी बढ़कर ₹133.13 करोड़ हो गया, जबकि Q1 FY26 में यह ₹51.75 करोड़ था। मजबूत तिमाही नतीजे और दो नए ऑनशोर कॉन्ट्रैक्ट एरिया मिलने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। हालांकि, इतनी तेज तेजी के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव का जोखिम भी बढ़ जाता है। इसलिए सिर्फ हालिया रिटर्न देखकर निवेश का फैसला करने के बजाय कंपनी के भविष्य के उत्पादन, नए ब्लॉक्स के विकास, वैल्यूएशन और तेल-गैस कीमतों से जुड़े जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।
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