केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन स्वदेशी और समृद्धि के संकल्प से ओतप्रोत था। उन्होंने कहा कि यह संबोधन सभी क्षेत्रों में अग्रणी राष्ट्र बनने की भारत की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा। शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मोदी ने राष्ट्र प्रथम, नशामुक्त और सुरक्षित भारत की भावना से प्रेरित ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए एक व्यापक खाका प्रस्तुत किया।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और रेल परिवहन जैसे क्षेत्रों में पिछले 12 वर्षों में हुई अभूतपूर्व प्रगति को रेखांकित किया। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने और सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए ‘सप्तधारा’ यानी ताकत के सात स्तंभों का मंत्र प्रस्तुत किया। शाह ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘युवाओं की क्षमता को दिशा देने के लिए मोदी जी ने एक साल में एक करोड़ से अधिक युवाओं को एआई कौशल प्रशिक्षण देने, निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग के लिए एक नेटवर्क स्थापित करने और 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने जैसी पहल की घोषणा की।’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने और आठ नयी सेमीकंडक्टर इकाइयां स्थापित करने जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं।
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गृह मंत्री ने कहा, ‘‘स्वदेशी, समृद्धि और आत्मनिर्भरता के संकल्प से ओतप्रोत मोदी जी का यह संबोधन सभी क्षेत्रों में अग्रणी राष्ट्र बनने की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा।’’ एक अन्य पोस्ट में शाह ने कहा कि आजादी के 80 साल बाद, आज पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ गाया गया। उन्होंने कहा, ‘‘इस ऐतिहासिक पल को देखकर न केवल मेरे रोंगटे खड़े हो गए, बल्कि मेरा पूरा वजूद बेपनाह खुशी से भर गया।
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