झारखंड और बिहार में व्रत-त्योहार या मांगलिक अवसरों पर अधिकतर घरों में प्याज-लहसुन का उपयोग नहीं किया जाता. इसके बावजूद स्वाद में कोई कमी नहीं आती. इसी परंपरा का बेहतरीन उदाहरण है देसी अंदाज में बनने वाली भुनी टमाटर की चटनी.यह चटनी गांव-घर की रसोई की पारंपरिक रेसिपी है, जो पीढ़ियों से बनाई जा रही है. इसका स्वाद इतना खास होता है कि गरम भात, रोटी या खिचड़ी के साथ खाने पर साधारण भोजन भी बेहद स्वादिष्ट लगने लगता है.चटनी बनाने के लिए सबसे पहले पके हुए लाल टमाटरों को धोकर धीमी आंच पर चूल्हे, गैस या अंगीठी पर अच्छी तरह भुना जाता है. जब टमाटर नरम होकर ऊपर से हल्के काले पड़ जाएं, तब उन्हें उतारकर ठंडा किया जाता है और जला हुआ छिलका हटा दिया जाता है. इसके बाद..
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