Alpha Movie Social Media Review: यशराज फिल्म्स (YRF) के स्पाई यूनिवर्स में अब तक हमने टाइगर, पठान और कबीर का जलवा देखा है। लेकिन इस बार ‘ऐल्फा’ के जरिए दो दमदार फीमेल जासूसों ने धांसू एंट्री मारी है। रिलीज से पहले आलिया भट्ट और इस फिल्म को लेकर काफी ट्रोलिंग हो रही थी, लेकिन सच कहें तो यह फिल्म एक बड़ा सरप्राइज पैकेज निकली है। तो चलिए जानते हैं कि यह फिल्म कैसी है।
फिल्म की कहानी 1999 के करगिल युद्ध के समय से शुरू होती है। कर्नल विक्रांत (अनिल कपूर) और फतेह सिंह (बॉबी देओल) एक सीक्रेट ‘अल्फा सीरम’ पर बात करते हैं। यह सीरम सैनिकों को बेहिसाब ताकत देने और उनके घाव तुरंत भरने के लिए बनाया गया है। इसी बीच विक्रांत की प्रेग्नेंट पत्नी की जान खतरे में होती है और विक्रांत उसे बचाने के लिए वह सीरम दे देता है। पत्नी की मौत हो जाती है, लेकिन उनकी बेटी ‘सीता’ (आलिया भट्ट) बच जाती है, जिसके अंदर सीरम का असर आ जाता है। फतेह सिंह मौका देखकर सीता को छीन लेता है, विक्रांत से झूठ बोलता है कि बच्ची मर गई, और सीता को छिपकर एक खतरनाक ‘ऐल्फा’ सैनिक बनाता है।
कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब फतेह खुद देश के खिलाफ काम करने लगता है। ऐसे में सीता को उसे रोकना होता है और इस मिशन में उसका साथ देने आती है एक और अल्फा, दुर्गा (शरवरी वाघ)।
कलाकारों की परफॉर्मेंस कैसी है?
फिल्म का सबसे बड़ा माइनस पॉइंट यह है कि आप कई ट्विस्ट का पहले ही अंदाजा लगा लेंगे। बॉबी देओल के किरदार की पिछली कहानी थोड़ी अजीब लगती है और उनका लहजा खटकता है। फिल्म में ऋतिक रोशन का एक सीन है जहां वो गोलियों को हाथ से पकड़कर वापस फेंकते हैं, जो देखने में काफी बचकाना लगता है। फिल्म में जो एक-दो गाने हैं, वो बिल्कुल याद नहीं रहते।
अगर आप एक्शन, थ्रिलर और यशराज के स्पाई यूनिवर्स के फैन हैं, तो ‘ऐल्फा’ आपको बिल्कुल निराश नहीं करेगी। हालांकि कहानी में कुछ कमियां जरूर हैं, लेकिन आलिया और शरवरी की बेहतरीन जोड़ी और तेज रफ्तार स्क्रीनप्ले आपको अपनी सीट से बांधे रखता है। यह फिल्म पिछली कुछ स्पाई यूनिवर्स की फिल्मों से बेहतर है और इसे एक बार सिनेमाघर में जाकर जरूर देखा जा सकता है।
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