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- Aditya Thackeray Denies Disha Saliyan Case Allegations | CBI Probe Order
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आदित्य ठाकरे महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे हैं।
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने नई दिल्ली में गुरुवार को सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत से जुड़े आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है, तो वे इन आरोपों पर जवाब क्यों दें।
उनका बयान बॉम्बे हाईकोर्ट के दिशा सालियान की मौत की जांच CBI को सौंपने के आदेश के बाद आया।
दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। शुरुआती जांच करीब तीन महीने में बंद कर दी गई थी।
सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे सामने आने के बाद 2023 में इसे दोबारा खोला गया और SIT बनाई गई। तब से जांच जारी है।

आदित्य बोले- मुझे बदनाम करने 6 साल से कोशिशें हो रहीं
आदित्य ठाकरे ने कहा, “इस मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है और मैंने इसके बारे में सोचा तक नहीं है। मुझे इसका जवाब क्यों देना चाहिए। पिछले 6 साल से मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। जो भी बीजेपी को चुभता है, उसे लेकर उसे परेशानी होती है।
जैसा मैंने कहा, जब आपका किसी चीज से कोई लेना-देना नहीं है, तो उसके बारे में बोलना या उसे कोई महत्व देना क्यों चाहिए? मेरा यही रुख है।”
इससे पहले महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा था कि ठाकरे और इस केस से जुड़े अन्य लोगों के नाम अगर किसी तरह शामिल नहीं हैं, तो उन्हें सामने आकर अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए।
राणे ने कहा कि वे शुरुआत से ही दिशा सालियान की मौत को आत्महत्या नहीं मानते रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सीबीआई की जांच से सच्चाई सामने आएगी।
नीतेश राणे का दावा- यह आत्महत्या नहीं, हत्या थी
नीतेश राणे ने कहा, “हम पहले दिन से साफ थे कि यह आत्महत्या नहीं, हत्या का मामला है। अब उस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। CBI की जांच शुरू होगी और FIR दर्ज की जाएगी। जांच में सबूत नष्ट करने और सत्ता के गलत इस्तेमाल के आरोपों की भी जांच होनी चाहिए।”
राणे ने कहा, “मुझे केवल उम्मीद है कि हमारी बहन दिशा सालियान के साथ जो गलत हुआ, सबूत और प्रमाण मिटाने के लिए जिस तरह सत्ता का गलत इस्तेमाल किया गया, वे सारी बातें अब सामने आएंगी। आखिर में सच्चाई को आप चाहे जितना छिपाने की कोशिश करें, वह सामने आ ही जाती है।”
बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिशा सालियान की मौत की जांच करने और FIR दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने मालवणी पुलिस स्टेशन को सभी रिकॉर्ड CBI को सौंपने के लिए भी कहा।
हाईकोर्ट ने कहा, “जब तक जांच अधिकारी को जांच के दौरान जुटाई गई सामग्री के आधार पर किसी व्यक्ति पर संदेह के मजबूत आधार न मिलें, तब तक उसे आरोपी नहीं माना जाएगा।”
कोर्ट ने निर्देश दिया कि CBI जांच के लिए अनुभवी सीनियर अधिकारी नियुक्त करे। अगर जांच में कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है, तो CBI को अदालत में समरी रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।
दिशा के पिता सतीश सालियान को ऐसी रिपोर्ट को चुनौती देने और अदालत में आपत्ति दर्ज कराने की छूट होगी।

दिशा सालियान की मौत मुंबई में 8 जून 2020 को हुई थी।
परिवार को पोस्टमॉर्टम और ADR नहीं मिली थी
हाईकोर्ट ने पहले इस बात पर चिंता जताई थी कि दिशा के परिवार के आरोपों के बावजूद एफआईआर के बजाय केवल एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट यानी एडीआर दर्ज की गई। कोर्ट ने यह भी कहा था कि दिशा की मौत के कई साल बाद भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एडीआर की कॉपी परिवार को नहीं दी गई।
सतीश सालियान की ओर से पेश वकील निलेश ओझा ने कहा कि कोर्ट ने सीबीआई को उनका बयान दर्ज करने और केस की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट ने दिशा के पिता को ऐसा अभिभावक बताया, जिसने अपनी युवा बेटी को “दुखद परिस्थितियों” में खोया है। कोर्ट ने कहा कि मामले में ठोस जांच की जरूरत है, लेकिन आरोपों में नाम लिए गए किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की।
ठाकरे ने केस में दखल देने की मांग की थी
आदित्य ठाकरे ने अलग से हाईकोर्ट में आवेदन देकर कार्यवाही में शामिल होने की मांग की थी। उन्होंने अपने आवेदन में सतीश सालियान की याचिका को “झूठी, निराधार और किसी मकसद से दायर” बताया था।
ठाकरे ने यह भी मांग की थी कि कोई आदेश जारी करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए।
दिशा सालियान सेलिब्रिटी मैनेजर थीं। 8 जून 2020 को मुंबई में एक इमारत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी। उनकी मौत के कुछ दिन बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत बांद्रा स्थित अपने घर में मृत मिले थे।
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