Adarsh Baal Vidyalaya Hindi Review: अमेजन प्राइम वीडियो पर आदर्श बाल विद्यालय रिलीज हो चुकी है। ये सीरीज मजाकिया अंदाज में सरकारी स्कूलों की समस्याओं पर बात करती है। आइए जानते हैं कैसी है आदर्श बाल विद्यालय।
क्या है आदर्श बाल विद्यालय का प्लॉट?
इस सीरीज के प्लॉट की बात करें तो ये सीरीज दिल्ली स्थित एक आदर्श बाल विद्यालय की कहानी है। सरकारी स्कूल में न तो टीचर्स पढ़ाने में दिलचस्पी रखते हैं, न हेड मास्टर (केके मेनन) को बच्चों के फ्यूचर की फिक्र होती है और न ही बच्चों में पढ़ने का जज्बा है।
स्कूल के हेड मास्टर को जैसे ही पता चलता है कि सरकार की तरफ से एक स्कीम आई है कि हाई स्कूल बोर्ड की परीक्षा में जो स्कूल टॉप 10 में आएगा, उसके हेड मास्टर को विदेश (कैम्ब्रिज) जाने का मौका मिलेगा। इसके बाद से ही वो हेड मास्टर विदेश जाने का सपना देखने लगते हैं।
क्या कैम्ब्रिज जा पाएंगे आदर्श बाल विद्यालय के हेड मास्टर?
वो टीचर्स और बच्चों के पेरेंट्स को ये समझाने की कोशिश करते हैं कि क्यों बच्चों का बोर्ड में रिजल्ट अच्छा आना जरूरी है। इस रास्ते में हेड मास्टर के सामने काफी चुनौतियां आती हैं। अब क्या आदर्श बाल विद्यालय के हेडमास्टर विदेश जा पाते हैं या नहीं, ये तो आपको सीरीज देखने के बाद ही पता चलेगा।
स्कूल के दिनों में ले जाएगी आदर्श बाल विद्यालय
आदर्श बाल विद्यालय सरकारी स्कूलों की हालत पर बात करती है। ये सीरीज दिखाती है कि कैसे कई अलग-अलग वजहों से सरकारी स्कूलों में दिक्कतें आती हैं। इस सीरीज में आपको कई किरदार ऐसे लगेंगे जिससे आप शायद खुद रिलेट भी कर पाएं। कहानी भले ही एक सरकारी स्कूल की हालत को दर्शाती है, लेकिन ये आपको अपने स्कूल की कुछ यादों तक तो ले जाएगी। सीरीज में एक एपिसोड है जहां एक महिला टीचर को बच्चों को बायोलॉजी पढ़ानी होती है। क्लास में लड़के और लड़कियों को साथ में ह्यूमन रिप्रोडक्शन पढ़ाने में उस टीचर को काफी असहजता महसूस होती है।
इस सीरीज में एक ऐसा टीचर दिखाया गया है जिससे पूरा स्कूल डरता है। स्कूल में आई एक नई महिला टीचर जो बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहती है, जो बच्चों को डांटता नहीं चाहती है आती है। वो बच्चों को संभालने की कोशिश करती है, लेकिन बच्चे उसे हद से ज्यादा तंग कर लेते हैं। क्लास में शोर-शराबे के बीच जब उस टीचर की एंट्री होती है, बच्चे डरकर सीट पर बैठ जाते हैं। हर किसी ने अपने स्कूल में एक ना एक टीचर तो ऐसा जरूर देखा होगा जिससे पूरा स्कूल डरता होगा? ये सीन आपको यकीनन आपके स्कूल के दिनों में ले जाने वाला है।
आदर्श बाल विद्यालय: सीरीज की अच्छी बातें
पहले तो हम आपको ये बताते हैं कि आपको ये सीरीज क्यों देखनी चाहिए? दरअसल, इस सीरीज की कास्ट बहुत ही जबरदस्त है। केके मेनन, नवीन कस्तुरिया, अर्चना पूरन सिंह, देवेन भोजानी, प्रसन्ना बिष्ट जैसे कलाकार नजर आए हैं। इन कलाकारों की एक्टिंग आपको पसंद आएगी। हर एक एक्टर ने अपने किरदार को बखूबी निभाया है। इस सीरीज में कई सारे चाइल्ड आर्टिस्ट भी नजर आए हैं। इन चाइल्ड आर्टिस्ट की एक्टिंग और स्क्रीन पर इनकी शैतानियां पसंद आएंगी।
सीरीज में क्या लग सकता है खराब?
सीरीज का प्लॉट तो काफी दिलचस्प है, लेकिन कहीं-कहीं आपको लग सकता है कि सीरीज को जबरदस्ती खींचा गया है। वहीं, इस सीरीज को देखते हुए आपको ये भी लग सकता है कि सीरीज काफी स्लो है।
आदर्श बाल विद्यालय: सीरीज देखें या नहीं?
अगर आप ये सोच रहे हैं कि ये सीरीज देखें या नहीं, तो हमारा सुझाव है कि एक बार तो आपको एक सीरीज देखनी चाहिए। सीरीज में काफी दिलचस्प मुद्दों पर बात की गई है। एक पिता और बेटी के रिश्ते में तनाव और प्यार के रिश्ते को भी सीरीज में अच्छे से दिखाया गया है।
सीरीज: आदर्श बाल विद्यालय
कास्ट: केके मेनन, नवीन कस्तुरिया, अर्चना पूरन सिंह, प्रसन्ना बिष्ट, अभिमन्यु सिंह
डायरेक्टर: हिमांक गौर
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