सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अरावली पर्वत श्रृंखला विवाद पर बनाई गई हाई-पावर्ड कमेटी (HPC) को रिपोर्ट देने के लिए 6 महीने का अतिरिक्त समय देने से मना कर दिया। कोर्ट ने कमेटी को हर हाल में 30 नवंबर 2026 तक रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने कहा- क्या कमेटी मेरे रिटायर होने का इंतजार कर रही है? उन्होंने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि कमेटी दिन-रात काम करे और 2 महीने में रिपोर्ट दे। CJI, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि अगर कमेटी रिपोर्ट तैयार करने में सक्षम नहीं है, तो वह बताए। ऐसी स्थिति में कमेटी का दोबारा गठन किया जाएगा। CJI सूर्यकांत 9 फरवरी 2027 को रिटायर होंगे और जस्टिस विक्रम नाथ देश के अगले CJI बनेंगे। 5 सदस्यों वाली कमेटी का गठन सुप्रीम कोर्ट ने 25 मई को अरावली की परिभाषा की दोबारा जांच के लिए 5 सदस्यों वाली HPC बनाई थी। इसके अध्यक्ष इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE) के डायरेक्टर जनरल हैं। यह कमेटी उस विवाद के बाद बनाई गई थी, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरकार की बनाई कमेटी की ओर से प्रस्तावित 100 मीटर ऊंचाई वाली परिभाषा को पहले की एक बेंच द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद हुआ था। 25 मई के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने HPC से यह जांचने को कहा था कि ‘अरावली हिल्स एंड रेंज’ की परिभाषा को केवल दो या उससे ज्यादा अरावली पहाड़ियों के बीच के 500 मीटर क्षेत्र तक सीमित करने से क्या कोई ऐसा ढांचागत विरोधाभास पैदा होता है, जिसमें संरक्षित क्षेत्र का भौगोलिक दायरा काफी कम हो जाता है। खबर अपडेट हो रही है…
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.