अगर फिटमेंट फैक्टर 2 रखा जाता है तो बेसिक पे कर्मचारी का दोगुना हो जाएगा। इसका ये मतलब नहीं है कि पूरी सैलरी डबल हो जाएगी। एक कर्मचारी की सैलरी में बेसिक पे के अलावा डीए, एचआरए जैसे भत्ता भी रहते हैं। बता दें, 6वें वेतन आयोग ने 1.86 फिटमेंट फैक्टर रखा था। तब कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी 54 प्रतिशत बढ़ा है। 7वें वेतन आयोग के दौरान फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। लेकिन तब ग्रॉस सैलरी में 14.29 प्रतिशत का इजाफा हुआ था। डीए और अन्य भत्ता भी कर्मचारियों की सैलरी को बढ़ाने में योगदान देते हैं।
समझें कैलकुलेशन (8th Pay Commission Salary)
इस समय लेवल-3 के कर्मचारी को 21700 रुपये बेसिक पे मिल रहा है। इन्हें डीए और एचआरए आदि मिलाकर 41300 रुपये मिलते हैं। मान लीजिए 8वें वेतन आयोग ने फिटमेंट फैक्टर 2 रखा गया। ऐसे में बेसिक पे बढ़कर 43400 रुपये हो जाएगा। वहीं, ग्रॉस सैलरी 53816 रुपये हो जाएगी।
लेवल-04 – मौजूदा समय में इस लेवल के केंद्रीय कर्मचारियों को 25500 रुपये बेसिक पे मिल रहा है। 2.38 फिटमेंट रहने की स्थिति में इनका बेसिक पे 60690 रुपये हो जाएगा। इनकी मौजूदा सैलरी 48450 रुपये से बढ़कर 74256 रुपये हो जाएगा। यानी कुल सैलरी का 55 प्रतिशत इजाफा होगा।
लेवल 5- इन कर्मचारियों को बेसिक पे इस समय 29200 रुपये मिल रहा है। वहीं, इनकी ग्रॉस सैलरी 55480 रुपये है। ऐसे में 2.57 फिटमेंट फैक्टर रहने की स्थिति में बेसिक पे 75044 रुपये हो जाएगा। इस लेवल के कर्मचारियों की कुल सैलरी 68 प्रतिशत बढ़ जाएगी।
लेवल-06 — मौजूदा समय में बेसिक पे का 35400 रुपये मिल रहा है। 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू होने की स्थिति में कर्मचारी का बेसिक पे 90978 रुपये हो जाएगा। इनकी ग्रॉस सैलरी 67260 रुपये से बढ़कर 112813 रुपये हो जाएगी।
बता दें, केंद्रीय वित्त आयोग लगातार कर्मचारी और पेंशनर्स से जुड़े संगठनों से मिल रहा है। दिल्ली में इसी महीने बैठक हुई थी।
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