हार्ट फेलियर अचानक होने वाली समस्या नहीं है, बल्कि इसके संकेत पहले से दिखना शुरू हो जाते हैं। डॉक्टर पुलकित गोयल ने एक 5 सेकंड टेस्ट शेयर किया है, जिसे आप घर बैठे कर सकते हैं और अपनी हार्ट हेल्थ का अंदाजा लगा सकते हैं।
हार्ट फेलियर क्या होता है?
हार्ट फेलियर का नाम सुनकर ऐसा लगता है कि दिल ने पूरी तरह काम करना बंद कर दिया है या धड़कन रुक गई है, लेकिन ऐसा नहीं है। हार्ट फेलियर की स्थिति में दिल शरीर की जरूरत के मुताबिक खून पंप नहीं कर पाता है। हार्ट की संरचना और कार्यप्रणाली में कोई समस्या आने की वजह है ये गंभीर स्थिति होती है। इसके कारण शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
घर बैठे 5 सेकेंड में करें लेग टेस्ट
डॉ पुलकित गोयल एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताते हैं कि घर बैठे 5 सेकेंड के लेग टेस्ट से हार्ट फेलियर के बारे में पता लगाया जा सकता है। इसे करने के लिए सबसे पहले आराम से लेट जाएं। अब 5 सेकेंड के लिए अपने पैर ऊपर करें। जैसे ही आप पैर ऊपर की तरफ करेंगे तो रुका हुआ खून हार्ट की तरफ बढ़ने लगेगा।
अब जैसे ही 5 सेकेंड बाद आप अपने पैर वापस नीचे की तरफ करेंगे तो वो खून इकट्ठा हो कर पैरों में जमा होने लगेगा। अगर आप आपके पैर या टखने में सूजन जल्दी लौट आ जाती है, तो ये फ्लूइड रिटेंशन का संकेत हो सकता है। डॉक्टर कहते हैं कि अगर पैरों में सूजन में दिखाई दे तो विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
इन लक्षणों को ना करें नजरअंदाज
पैरों में सूजन के साथ-साथ अगर ये संकेत भी दिखाई दे रहे हैं, तो इनमें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
- थोड़ी सी गतिविधि में सांस फूलना
- लेटने पर सांस लेने के परेशानी होना
- अचानक वजह बढ़ना
- पैरों या टखनों में लगातार सूजन
- दिल की धड़कन अनियमित महसूस होना
- रात में खांसी
- पेट में भारीपन या सूजन
पैरों में सूजन के और भी कारण हो सकते हैं
जब हार्ट ब्लड को प्रभावी तरीके से पंप नहीं कर पाता है, तो शरीर में फ्लूइड जमा हो सकता है। इसका असर पैरों के आसपास और टखनों में सूजन के रूप में दिखाई दे सकता है। हालांकि पैरों में सूजन के और भी कई कारण हो सकते हैं। जैसे- किडनी या लिवर से जुड़ी कोई समस्या, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स, नसें फूलना या लंबे समय तक खड़े रहना।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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