अगर आपके दिल का रास्ता भी पेट से होकर जाता है, तो ये शायरियां आपके लिए हैं। पढ़िए खाने के शौकीनों के लिए 30 मजेदार और दिल छू लेने वाली शायरियां।
कुछ लोगों के लिए खाना सिर्फ भूख मिटाने का जरिया नहीं, बल्कि खुशी मनाने का सबसे प्यारा बहाना होता है। स्वादिष्ट पकवान देखते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती है और मन खुश हो जाता है। चाहे गर्मागरम पराठे हों, चटपटी चाट हो, मिठाई हो या घर का सादा खाना, हर स्वाद की अपनी एक अलग कहानी होती है। अगर आप भी खुद को खाने का सच्चा शौकीन मानते हैं या अपने किसी फूडी दोस्त को मुस्कुराना चाहते हैं, तो ये शायरियां आपके बहुत काम आएंगी। यहां पढ़िए खाने के दीवानों के लिए 30 नई, अनोखी और मजेदार शायरियां।
जिसे खाने से प्यार हो,
उसका हर दिन त्योहार हो।
रोटी हो या रसगुल्ला,
हर निवाला लगे अपना।
दुनिया की बातें बाद में होंगी,
पहले थाली पूरी होगी।
दिल भी खुश, पेट भी खुश,
यही तो है असली सुख।
जहां स्वाद की खुशबू आती है,
वहीं हमारी मंजिल नजर आती है।
कुछ लोग इश्क में खो जाते हैं,
हम अच्छे खाने में।
गरम रोटी और अपना साथ,
बस इतना ही काफी है।
ना कोई दौलत, ना कोई शान चाहिए,
बस हर दिन मनपसंद पकवान चाहिए।
बाकी खुशियां खुद चली आएंगी,
अगर थाली में स्वाद की पहचान चाहिए।
हर कौर में खुशियों का स्वाद,
यही है जिंदगी की असली बात।
जिस घर की रसोई महकती है,
वहीं खुशियां भी ठहरती हैं।
गरम रोटी और अपनों का साथ,
यही जिंदगी की सबसे बड़ी दौलत है।
कुछ लोग तस्वीरें देखकर खुश हो जाते हैं,
हम तो खाने की खुशबू से ही मुस्कुरा देते हैं।
दिल का रास्ता चाहे जो हो,
हमारा तो सीधा थाली तक जाता है।
दुनिया घूमने का सपना बाद में देखेंगे,
पहले हर शहर का स्वाद चखेंगे।
यादें भी वही सबसे खास बनती हैं,
जहां पेट और दिल दोनों भरते हैं।
जो स्वाद याद रह जाए,
वही खाना खास कहलाए।
रिश्ते भी मीठे लगते हैं,
जब साथ में मीठा परोसा जाए।
खाने की मेज पर बैठकर,
हर गिला-शिकवा भूल जाए।
भूख जब सच्ची होती है,
तो सादा खाना भी दावत लगता है।
और जब साथ अपने लोगों का हो,
हर निवाला जन्नत लगता है।
खुशियां कभी-कभी रसोई से भी निकलती हैं।
हर निवाले में प्यार हो,
तो खाना और भी लाजवाब हो।
भूख सबसे अच्छी रसोइया है,
हर स्वाद खास बना देती है।
चटपटा हो या मीठा,
दिल हर स्वाद पर रीझता।
थाली छोटी हो या बड़ी,
दिल से परोसी होनी चाहिए।
स्वाद तो हर कोई बना लेता है,
मगर प्यार हर किसी से नहीं पकता।
जो हर नए स्वाद को अपनाए,
वही असली खाने का दीवाना कहलाए।
जिंदगी भी उसी की रंगीन होती है,
जो हर निवाले का आनंद उठाए।
खाने का इंतजार भी,
एक अलग ही खुशी देता है।
थाली में प्यार परोस दो,
स्वाद अपने आप बढ़ जाएगा।
ना सोने की चाह, ना चांदी का सपना,
बस स्वाद से भरी रहे हर अपनी थाली।
चेहरे पर मुस्कान और पेट रहे खुश,
यही है हर खाने के शौकीन की खुशहाली।
हर पकवान की अपनी कहानी,
हर स्वाद की अपनी निशानी।
दावत छोटी हो या बड़ी,
दिल से बनी होनी चाहिए।
चटनी, पराठा, चाय या मिठाई,
हर चीज में छिपी है एक कहानी।
खाने का शौक सिर्फ आदत नहीं,
ये तो दिल की सबसे प्यारी निशानी।
रसोई से आती खुशबू,
दिल तक पहुंच जाती है।
खाने का असली मजा,
अपने लोगों के साथ आता है।
जिंदगी का स्वाद तभी पूरा है,
जब थाली में प्यार और चेहरे पर मुस्कान हो।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.