सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के 1475 और प्रधानाध्यापकों के 1172 कुल 2647 पदों पर भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को अधियाचन तो मिल गया है, लेकिन अब तक अर्हता ही तय नहीं हो सकी है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का विलय नवगठित चयन आयोग
हालांकि इस बीच उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का विलय नवगठित चयन आयोग में हो गया। अब शिक्षा निदेशालय से रिक्त पदों की सूचना मिलने के बाद चयन आयोग अर्हता निर्धारित करने के लिए शासन को पत्र लिखा है। इसमें प्रधानाचार्य पद के लिए स्नातकोत्तर और बीएड के साथ इंटर कॉलेज में प्रवक्ता या हाईस्कूल में प्रधानाध्यापकों के पद पर कम से कम चार साल का अनुभव रखने वाले 30 साल से अधिक आयु के उन अभ्यर्थियों को सम्मिलित करने की बात है जो केंद्र एवं राज्य सरकार के कोष या अनुदान से वेतन पा रहे हों।
इसी प्रकार प्रधानाध्यापक पद के लिए स्नातकोत्तर एवं बीएड या बीपीएड के साथ हाईस्कूल में सहायक अध्यापक या इंटर कॉलेज में प्रवक्ता के पद पर कम से कम चार साल का अनुभव रखने वाले 30 साल से अधिक आयु के उन अभ्यर्थियों को शामिल करने की बात है जो केंद्र एवं राज्य सरकार के कोष या अनुदान से वेतन पा रहे हों। शासन की ओर से इस संबंध में शिक्षा निदेशालय से रिपोर्ट मांगी गई है।
सूत्रों के अनुसार शिक्षा निदेशालय ने प्रधानाध्यापक हाईस्कूल भर्ती में प्रवक्ता को शामिल नहीं करने का सुझाव दिया है। इनकी जगह प्रधानाध्यापक जूनियर हाईस्कूल को सम्मिलित करने का प्रस्ताव भेजा है। इसके अलावा उन अभ्यर्थियों को भी शामिल करने का सुझाव दिया है जो केंद्र एवं राज्य सरकार के कोष या अनुदान से वेतन नहीं पा रहे हों। हालांकि अभी अर्हता पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी है।
बालिका स्कूल में पुरुष प्रधानाचार्य की तैनाती, आपत्ति
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज धनूपुर में प्रधानाचार्य के पद पर कैलाश यादव की तैनाती पर राजकीय शिक्षक संघ ने आपत्ति की है। प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय और प्रांतीय महामंत्री अरुण यादव ने अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है कि किसी भी पुरुष को राजकीय बालिका विद्यालय तथा महिला को बालक विद्यालय में प्रधानाचार्य या प्रधानाचार्या के पद पर पदस्थापित न किया जाए। 30 जुलाई को जारी आदेश को लेकर लिखा है कि पदस्थापन सूची में बहुत सी विसंगतियां हैं। कई पदोन्नत अफसरों को बेसिक शिक्षा विभाग की संस्थाओं में तैनाती दी गई है जो अनुचित है क्योंकि बहुत से राजकीय विद्यालय प्रधानाचार्य विहीन हैं। इसके अलावा दो बालिका विद्यालयों में नियमित प्रधानाचार्य की तैनाती का भी अनुरोध किया है। लिखा है कि राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मानिकपुर चित्रकूट में 12 साल से नियमित प्रधानाचार्य नहीं होने के कारण विद्यालय में पठन-पाठन का माहौल समाप्त हो गया है। इसी प्रकार राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मुसाफ़िर खाना अमेठी में भी प्रभारी के स्थान पर नियमित प्रधानाचार्य की तैनाती का अनुरोध किया है।
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