“क्या यहाँ फर्श पर झाड़ू लगाने आए हैं बाकी लोग?” — खड़गे
नारेबाज़ी से नाराज मल्लिकार्जुन खड़गे ने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि यह कांग्रेस का कार्यक्रम है, किसी एक व्यक्ति विशेष को बढ़ावा देने का मंच नहीं। उन्होंने कड़े लहजे में कहा:
“क्या यहां नारे लगाने से पूरे देश पर कोई असर पड़ेगा? यह किसी व्यक्ति का कार्यक्रम नहीं है, यह पार्टी का कार्यक्रम है। तुम बेकार लोग! यहां किसी व्यक्ति की पूजा नहीं होती, हम यहां पार्टी के लिए आए हैं जो हम सभी को एक साथ लाती है।”
खड़गे ने कार्यक्रम में मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए पूछा, “अगर एक व्यक्ति कुछ कहता है और दूसरा कुछ और चिल्लाता है, तो बाकी लोग यहां किसलिए आए हैं? क्या वे फर्श पर झाड़ू लगाने आए हैं?”
58 साल के अनुभव का हवाला और फुटेज जांच की चेतावनी
अपने लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कांग्रेस प्रमुख ने नेताओं को अपनी हद में रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा, “मेरे पास 58 वर्षों का राजनीतिक अनुभव है। यहां कई नेता आए हैं, हालांकि पार्टी में उनका योगदान कम है, लेकिन पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है।”
इसके साथ ही उन्होंने अनुशासनहीनता बर्दाश्त न करने की चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यक्रम के वीडियो फुटेज की समीक्षा की जाएगी और बाधा डालने वाले कार्यकर्ताओं की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा का पलटवार: “कांग्रेस में तीन होल्डिंग कंपनियाँ और एक सब्सिडियरी”
इस पूरी घटना पर मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुटकी लेने में देर नहीं की। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने इस घटनाक्रम को कांग्रेस के भीतर चल रही सत्ता की आपसी खींचतान का नतीजा बताया।
गौरव वल्लभ ने कांग्रेस के नेतृत्व ढांचे (Leadership Structure) का मज़ाक उड़ाते हुए कॉरपोरेट जगत की तर्ज पर एक नया विश्लेषण पेश किया:
कांग्रेस M (मम्मी): पहली होल्डिंग कंपनी (सोनिया गांधी)
कांग्रेस P (प्रियंका): दूसरी होल्डिंग कंपनी (प्रियंका गांधी वाड्रा)
कांग्रेस R (राहुल): तीसरी होल्डिंग कंपनी (राहुल गांधी)
कांग्रेस K (खड़गे): इन तीनों बड़ी होल्डिंग कंपनियों की एक ‘सब्सिडियरी’ यानी सहायक कंपनी।
भाजपा नेता का तंज: गौरव वल्लभ ने आरोप लगाते हुए कहा, “क्या आप सोच सकते हैं कि किसी राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष अपने ही मुख्यमंत्री (या बड़े नेता) के लिए लगाए जा रहे नारों से नाराज़ हो रहा है? ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि खड़गे जी खुद कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनना चाहते थे।”
बेंगलुरु के इस वाकये ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कर्नाटक कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। जहाँ एक तरफ मल्लिकार्जुन खड़गे पार्टी में अनुशासन की दुहाई दे रहे हैं, वहीं विपक्ष को कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी पर हमला करने का एक और बड़ा मौका मिल गया है।
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#WATCH | Bengaluru, Karnataka: Congress President Mallikarjun Kharge loses his cool at party workers during the Sankalpa Samavesha programme after the workers raised “DK-DK” slogans
“Will the entire country be affected if you shout here? This is not an individual’s programme, it… pic.twitter.com/jmO0rLMftK
— ANI (@ANI) June 21, 2026
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