लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय महिला क्रिकेट के लिए यादगार दिन देखने को मिला। भारतीय टीम की बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने शानदार शतकीय पारी खेलते हुए ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन संयम और धैर्य से बल्लेबाजी करते हुए लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनने का गौरव हासिल किया हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, बाएं हाथ की बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने 145 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उनकी पारी में 12 चौके शामिल रहे। यह उनके टेस्ट करियर का पहला शतक भी रहा, जबकि लाल गेंद के प्रारूप में यह उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी बन गया हैं।
बता दें कि तीसरे दिन के खेल की शुरुआत में यास्तिका को किस्मत का भी साथ मिला। इंग्लैंड की तेज गेंदबाज लॉरेन बेल की पहली ही गेंद सीधे स्टंप पर लगी, लेकिन बेल्स नहीं गिरीं। इस जीवनदान का यास्तिका ने पूरा फायदा उठाया और इसके बाद बेहद सधी हुई बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों को कोई बड़ा मौका नहीं दिया हैं।
शतक पूरा होने के बाद लॉर्ड्स मैदान में मौजूद दर्शकों ने तालियों से उनका स्वागत किया। इस उपलब्धि के साथ यास्तिका भाटिया का नाम भी लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज हो गया। गौरतलब है कि इस बोर्ड पर वही खिलाड़ी जगह बनाते हैं, जो इस ऐतिहासिक मैदान पर असाधारण प्रदर्शन करते हैं।
इस मुकाबले में केवल यास्तिका ही नहीं, बल्कि भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने इंग्लैंड की पहली पारी में पांच विकेट लेकर विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया। उनकी घातक गेंदबाजी की बदौलत भारत को पहली पारी में 115 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिली और उनका नाम भी लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज हो गया हैं।
गौरतलब है कि मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए, जिसमें स्मृति मंधाना ने 83 रन की अहम पारी खेली। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम भारत की बढ़त को पार नहीं कर सकी और क्रांति गौड़ की शानदार गेंदबाजी के सामने संघर्ष करती नजर आई हैं।
दूसरी पारी में भी भारतीय बल्लेबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया। स्मृति मंधाना ने 71 रन बनाए, जबकि यास्तिका भाटिया के शतक की बदौलत भारत ने सात विकेट पर 341 रन बनाकर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी। इसके साथ ही इंग्लैंड को जीत के लिए 457 रन का मुश्किल लक्ष्य मिला हैं।
बता दें कि इस मुकाबले से पहले इंग्लैंड की पूर्व कप्तान हीदर नाइट ने घोषणा की थी कि भारत के खिलाफ यह एकमात्र टेस्ट उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच होगा। हालांकि अब मुकाबले की सबसे बड़ी चर्चा यास्तिका भाटिया और क्रांति गौड़ के ऐतिहासिक प्रदर्शन की हो रही है। भारतीय टीम मैच में मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी है और इंग्लैंड को जीत दर्ज करने के लिए असाधारण प्रदर्शन की जरूरत होंगी।
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