प्रस्ताव में क्या है?
वास्तविक परिस्थितियां बिल्कुल अलग
संगठन के मुताबिक, नियमों के तहत पति या पत्नी के नाम फैमिली पेंशन की प्रक्रिया औसतन एक महीने से कम समय में पूरी हो सकती है, लेकिन वास्तविक परिस्थितियों में परिवार को दस्तावेज जुटाने और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में कई महीने लग सकते हैं। संगठन ने बताया कि सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद परिवार कई सामाजिक और धार्मिक परंपराओं के कारण तुरंत सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगा पाता। कई परिवारों में शोक की अवधि करीब 16 से 30 दिनों तक रहती है, जबकि कुछ समुदायों में यह अवधि तीन महीने तक भी हो सकती है। इसके अलावा फैमिली पेंशन के लिए अलग-अलग सरकारी और राजस्व विभागों से जरूरी दस्तावेज जुटाने पड़ते हैं।
दस्तावेज में भी आती है समस्या
कई मामलों में आधार, पैन, बैंक पासबुक और अन्य रिकॉर्ड में जन्मतिथि या नाम जैसी जानकारी अलग-अलग होने की समस्या भी सामने आती है। इन गलतियों को ठीक कराने और रिकॉर्ड का सत्यापन कराने में अतिरिक्त समय लग सकता है। यही वजह है कि कागजात जमा करने में ही कई महीने निकल जाते हैं और उसके बाद पेंशन की मंजूरी की प्रक्रिया शुरू होती है। भारत पेंशनर समाज का कहना है कि ऐसी स्थिति में 6 महीने की प्रोविजनल फैमिली पेंशन परिवार को तत्काल आर्थिक सहारा दे सकती है।
आर्थिक जिम्मेदारियों को संभालने में मिलेगी मदद
संगठन के प्रस्ताव के मुताबिक, नियमित पेंशन की मंजूरी और दस्तावेजी प्रॉसेस पूरी होने तक सीमित अवधि के लिए भुगतान किया जा सकता है। इससे शोकग्रस्त परिवार को रोजमर्रा के खर्च, इलाज, बच्चों की जरूरतों और अन्य जरूरी आर्थिक जिम्मेदारियों को संभालने में मदद मिलेगी।
ऐसी व्यवस्था लागू होने से क्या होगा?
संगठन का यह भी मानना है कि ऐसी व्यवस्था लागू होने से पेंशन कार्यालयों में बार-बार शिकायत और आवेदन करने का दबाव कम होगा। जिन मामलों में PPO में पति या पत्नी के नाम फैमिली पेंशन पहले से स्वीकृत है, वहां भुगतान शुरू करने के लिए हर छोटी औपचारिकता पूरी होने का इंतजार न करने की व्यवस्था बनाई जा सकती है। वहीं, जिन मामलों में PPO में फैमिली पेंशन दर्ज नहीं है और हेड ऑफ ऑफिस (Head of Office) से मंजूरी जरूरी है, वहां संबंधित अधिकारी नियमों के तहत प्रोविजनल भुगतान की संभावना पर फैसला ले सकते हैं। संगठन का तर्क है कि ऐसी व्यवस्था से जरूरतमंद परिवारों को समय पर आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और फैमिली पेंशन की मौजूदा प्रक्रिया भी ज्यादा व्यावहारिक बन सकेगी।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.