साई सुदर्शन की टीम इंडिया में वापसी के बाद नंबर तीन पर बल्लेबाज कौन करेगा। देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन दोनों ने हाल ही में बेहतर प्रदर्शन किया है। इस सवाल का जवाब भारतीय टीम के बैटिंग कोच ने दिया है। जानिए क्या कहा।
हालांकि, सरफराज को प्लेइंग XI में खेलने को नहीं मिला और नंबर तीन पर मिलता भी नहीं क्योंकि अभ्यास मैच में देवदत्त पडिक्कल ने शतक लगाया था। तीन नंबर पर बल्लेबाजी के आदी सरफराज हैं भी नहीं। उनकी जंग साई से ज्यादा अपनी प्लेइंग XI में जगह बनाने के लिए ध्रुव जुरैल से है। देवदत्त पडिक्कल घरेलू क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करके आ रहे हैं और उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में शतक जड़कर भी खुद की काबिलियत को साबित किया है। ऐसे में भारत के लिए अब भी नंबर तीन की बहस छिड़ी हुई है, लेकिन अब यह नकारात्मक नहीं, बल्कि सकारात्मक बहस है। क्योंकि नंबर तीन पर बी साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल दोनों ने ही रन बना दिए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि साई सुदर्शन की वापसी के बाद नंबर तीन पर बल्लेबाजी कौन करेगा। इस सवाल का जवाब भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने प्रेफ कॉन्फ्रेंस में दिया है।
बल्लेबाजी कोच ने दिया ये जवाब
गॉल में पत्रकारों से बात करते हुए, भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पडिक्कल-सुदर्शन विवाद पर बात की और संकेत दिया कि टीम बल्लेबाजी क्रम को लेकर कठोर रुख अपनाने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा “मुझे लगता है देवदत्त ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। साई भी उस नंबर पर बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। लेकिन बात यह है कि वे सभी नई गेंद से बल्लेबाजी करने वाले बल्लेबाज हैं। इसलिए वे ओपनिंग भी करते हैं, नंबर तीन पर भी बल्लेबाजी करते हैं, इसलिए हम बल्लेबाजी क्रम को लेकर हम काफी फ्लेक्जिबल हैं।”
कोटक ने आगे कहा कि टीम बल्लेबाज के नाम के आगे लिखे नंबर पर कम और इस बात पर ज्यादा ध्यान देगी कि वह अलग-अलग परिस्थितियों में कैसे ढल जाता है। उन्होंने कहा “मैं उनके बल्लेबाजी करने के तरीके, परिस्थितियों के अनुसार ढलने के तरीके, मैच के विभिन्न चरणों से निपटने के तरीके पर ध्यान दूंगा और यह मेरे लिए तीसरे, चौथे या पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने वालों की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।”
इस वजह से शुरू हो रही है डिबेट
बता दें कि यह बहस मुख्य रूप से इस तथ्य से उपजी है कि सुदर्शन ने तीसरे नंबर की भूमिका में अभी तक कोई खास कमाल नहीं दिखाया है। पिछले साल इंग्लैंड दौरे के दौरान पहली बार उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन वे सिर्फ एक अर्धशतक ही बना पाए। चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने उन पर भरोसा बनाए रखा और उन्हें और मौके देने का वादा किया, लेकिन घरेलू परिस्थितियों में भी यह बाएं हाथ का बल्लेबाज अभी तक कोई बड़ा स्कोर नहीं बना पाया है और न ही उनसे अपेक्षित निरंतरता दिखा पाया है। कुल मिलाकर, उन्होंने 12 पारियों में 31.91 की औसत से 383 रन बनाए हैं, जिसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि,अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में सुदर्शन ने अच्छी बल्लेबाजी की थी। पडिक्कल दूसरे टेस्ट में भी नंबर 3 पर बल्लेबाजी करेंगे और उम्मीद है कि भारत नवंबर में न्यूजीलैंड दौरे के दौरान इस बहस का और स्पष्ट जवाब दे पाएगा।
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