रिलेशनशिप की दुनिया में अब कई ट्रेंड आते रहते हैं, जिसमें से एक ट्रेंड ग्रेवयार्ड डेटिंग इन दिनों चर्चा में बना हुआ है। चलिए जानते हैं इस डेटिंग ट्रेंड में क्या होता है और लोग इसे क्यों पसंद कर रहे हैं।
क्या है ग्रेवयार्ड डेटिंग का मतलब?
ग्रेवयार्ड का सीधा मतलब आप कब्रिस्तान समझ चुके होंगे, जहां पर लोगों को मरने के बाद दफनाया या फिर जलाया जाता हो। सुनने में ये कॉन्सेप्ट काफी डरावना और अजीब लगता है लेकिन लोग इसमें सुकून और शांति पा रहे हैं। कब्रिस्तान में भीड़, शोर नहीं होता और ना ही अच्छा दिखने या फिर किसी के देखने का डर होता है, ऐसे में Gen-Z को ये डेटिंग ट्रेंड पसंद आ रहा है।
डिजिटल मीडिया के खिलाफ बगावत
ग्रेवयार्ड डेटिंग ट्रेंड शोर-शराबे वाली डिजिटल मीडिया के खिलाफ एक तरह की बगावत भी है। सोशल मीडिया पर कूल, परफेक्ट और स्टैंडर्ड दिखाने के चक्कर में लोग लगे रहते थे लेकिन इस डेटिंग ट्रेंड में ऐसा कुछ भी नहीं है। यहां पर ना ही किसी को कुछ दिखाना है और ना ही पोस्ट करना है। साथ ही इस तरह की डेटिंग में पार्टनर के आगे भी दिखावा करने का झमेला नहीं है।
कब्रिस्तान में डेटिंग करने के फायदे
कब्रिस्तान में डेट करने से शांत माहौल मिलता है। वहां पर किसी भी तरह का दिखावा या खर्चा नहीं करना पड़ता। साथ ही डर और अजीब माहौल में दिमाग सिर्फ सीरियस बातें ही करता है और ऐसे में लोग एक दूसरे से इधर-ऊधर की बातें करने के बजाय मुद्दे पर बात करते हैं। कैफे, रेस्टोरेंट वाली डेट्स से ब्रेक भी मिलता है।
नुकसान भी हैं
कब्रिस्तान में डेट करने के इस ट्रेंड को कई लोग पसंद नहीं कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी इसकी काफी आलोचना हो रही है। साथ ही इसके नुकसान ये हैं कि रात के अंधेरे और सन्नाते में किसी भी तरह का खतरा हो सकता है। जो लोग कमजोर दिल वाले होते हैं, उन्हें डर के कारण एंग्जायटी या पैनिक अटैक का खतरा हो सकता है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.