तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ गई हैं. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण देने के मामले में कोलकाता के बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणियों का भी जिक्र है.
एफआईआर में क्या है?
एफआईआर के मुताबिक, सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार ने 5 मई को चुनाव नतीजे घोषित होने के एक दिन बाद यह शिकायत दर्ज कराई थी. सरकार ने बागूइहाटी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने 27 अप्रैल से 3 मई के बीच आयोजित कई चुनावी कार्यक्रमों में भड़काऊ टिप्पणियां कीं. आरोप लगाया गया है कि इन भाषणों से आपसी दुश्मनी को बढ़ावा मिला और सार्वजनिक शांति भंग हुई. इसमें ये भी लिखा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी धमकियां दी गईं. इनमें से कई धाराएं गैर-जमानती हैं, जो दंगों के लिए उकसाने, कई समूहों के बीच नफरत फैलाने और गंभीर धमकी देने से संबंधित हैं. इस शिकायत में अभिषेक बनर्जी के विवादित बयानों के वीडियो और लिंक भी प्रमाण के तौर पर सौंपे गए हैं.
किसने की थी शिकायत?
सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार ने शिकायत के साथ कई भाषणों के लिंक भी जमा किए हैं. पुलिस ने 15 मई को दोपहर 2.45 बजे बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की. ये मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192, 196, 351 (2) और 353 (1) (c) के तहत और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 (2) और 125 के तहत दर्ज किया गया है.
एफआईआर के मुताबिक इन भाषणों में कथित तौर पर ऐसे भड़काऊ और धमकी भरे बयान थे, जिनसे सार्वजनिक अव्यवस्था फैल सकती थी और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था. पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया. सब-इंस्पेक्टर सोमनाथ रॉय को जांच का जिम्मा सौंपा गया है.
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