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- Mamata Banerjee; West Bengal Election Result 2026 LIVE Update: BJP TMC Congress Winner Candidates List | Suvendu Adhikari Adhir Ranjan Kolkata Bhabanipur Nandigram
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बंगाल की सत्ता पर 15 साल से काबिज ममता चौथी बार वापसी करेंगी या पहली बार भाजपा सरकार बनेगी, जवाब चंद घंटों में।
294 सीटों पर वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू होगी। पहले डाक मत पत्र गिने जाएंगे, इसके बाद ईवीएम खुलेंगी।
काउंटिंग के दौरान किसे बढ़त, कौन पीछे, किस पार्टी की कितनी सीटें, दिग्गजों में किसकी हार-जीत; पल-पल का हाल दैनिक भास्कर एप पर Live टैली में देख सकते हैं।
टीएमसी और भाजपा दोनों 200 सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं। सियासी तस्वीर दोपहर 1 बजे तक साफ हो सकती है, इससे पहले देखिए एग्जिट पोल, जहां 8 में से 6 ने ममता सरकार की विदाई का अनुमान जताया है…
8 एग्जिट पोल में से 6 में भाजपा, 2 में TMC सरकार

2026 में इतिहास की सबसे ज्यादा 92.47% वोटिंग
बंगाल की 294 सीटों पर 2 फेज में वोटिंग हुई। 23 अप्रैल को फर्स्ट फेज की 152 सीटों पर 93.19% और 29 अप्रैल को सेकेंड फेज की 142 सीटों पर 91.66% मतदान हुआ।
दोनों फेज मिलाकर राज्य के इतिहास में अब तक की सबसे ज्यादा 92.47% वोटिंग हुई। इससे पहले 2011 में सबसे ज्यादा 84.33% वोटिंग हुई थी।

रिकॉर्ड वोटिंग की 2 संभावित वजहें मानी जा रही हैं-
पहली: SIR के दौरान 90 लाख से ज्यादा नाम कटने से वोटर लिस्ट छोटी हो गई। इससे वोटिंग प्रतिशत बढ़ा।
दूसरी: लोगों में यह डर पैदा हो गया हो कि इस बार वोट डालना जरूरी है, वरना भविष्य में उनके नाम हटाए जा सकते हैं।
2026 में महिलाओं ने 93.24% वोटिंग की, पुरुषों से 1.5% ज्यादा
पिछले 10 चुनाव के आंकड़े देखें, तो 1982 से 2006 तक पुरुषों ने महिलाओं की तुलना में ज्यादा वोट डाले। 2011 से आंकड़ा पलट गया। 2016 में महिलाओं ने पुरुषों से 1% ज्यादा वोटिंग की। 2021 में मामूली बढ़त रही, लेकिन 2026 में करीब डेढ़ फीसदी ज्यादा वोट डाले।

अब एक नजर हाई प्रोफाइल सीटों पर




बंगाल चुनाव में 5 बड़े मुद्दे
- SIR में वोट कटना: पश्चिम बंगाल में कुल रजिस्टर्ड वोटर्स की संख्या 7.66 करोड़ थी। चुनाव से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) हुआ, जिसमें 91 लाख नाम हटाए गए। अब वोटर्स की संख्या घटकर 6.75 करोड़ रह गई, यानी 11.8% की कमी।सुप्रीम कोर्ट ने SIR पर वोटर्स की आपत्तियां सुनने के लिए 19 ट्रिब्यूनल नियुक्त किए थे। पिछले महीने से, जब ये ट्रिब्यूनल बने, तब से उनके पास 34 लाख से ज्यादा अपीलें दायर की गईं। यह साफ नहीं है कि इनमें से कितनी अपीलें सुनी गईं। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने 28 अप्रैल कहा कि उनके पास निपटाए गए मामलों का आंकड़ा नहीं है।
- अवैध घुसपैठियों का मुद्दा: 2021 के बंगाल चुनाव में 140 से अधिक सीटों पर जीत का अंतर 1000 से 5000 के बीच था। कई सीटों पर इस अंतर से ज्यादा वोट कट गए हैं। बीजेपी ने वोटर लिस्ट से हटाए गए करीब 91 लाख नामों को ‘अवैध घुसपैठियों’ और ‘ब्लैक वोट्स’ कहा।
- महिलाओं से जुड़ी योजनाएं: पिछले 3 चुनाव में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा वोट कर रही हैं। इस बार तो यह अंतर डेढ़ फीसदी तक बढ़ा है। जानकार इसकी वजह ममता सरकार की महिलाओं से जुड़ी 3 बड़ी योजनाएं- लक्ष्मीर भंडार, कन्याश्री और रूपश्री प्रकल्प को बताते हैं।भाजपा ने भी इस बार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना, शौचालय और महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। घोषणा पत्र में गरीब महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपए देने का वादा किया।
- महिला आरक्षण का मुद्दा: चुनाव से ठीक पहले सरकार संसद में परिसीमन से जुड़ा बिल लाई। टीएमसी ने इसका विरोध किया। इसके बाद PM मोदी से लेकर शाह और बाकी बड़े नेताओं ने हर रैली में कहा गढ़ा कि ममता महिलाओं को सत्ता में 33% हिस्सेदारी नहीं देना चाहती हैं।
- एंटी इनकंबेंसी: TMC 2011 के बाद लगातार 15 साल से सत्ता में है। उसके नेताओं पर राशन घोटाला, शिक्षक भर्ती घोटाला जैसे आरोप लगे हैं। अगर भाजपा टीएमसी के वोट शेयर में 3 से 5% की सेंध लगा देती है, तो बढ़त ले लेगी।
दो फेज में चुनाव- हिंसा और झड़प, पहली बार कोई मौत नहीं

23 अप्रैल को दक्षिण मिदनापुर में कुमारगंज सीट से भाजपा कैंडिडेट सुवेंदु सरकार को भीड़ ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।

29 अप्रैल को नॉर्थ 24 परगना के अरविंद रैली में बूथ नंबर 120 पर TMC और भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर मुक्के, लाठियों से हमले किए।
23 अप्रैल को पहले फेज की वोटिंग के दौरान दक्षिण दिनाजपुर जिले की कुमारगंज सीट से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार को भीड़ ने पीटा। पश्चिम बर्धमान जिले में भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर हमला हुआ। मुर्शिदाबाद के नौदा में देसी बम फेंका गया। जब आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) चीफ हुमायूं कबीर वहां पहुंचे, तो टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेरा और पथराव किया।
29 अप्रैल को सेकेंड फेज की वोटिंग के दौरान नेता प्रतिपक्ष और भाजपा कैंडिडेट सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ ‘गो बैक’ और ‘चोर-चोर’ के नारे लगे। नॉर्थ 24 परगना में TMC और भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर हमला किया। भाजपा ने आरोप लगाया कि डायमंड हार्बर के फालता में EVM में BJP का बटन टेप लगाकर ब्लॉक किया गया। पूर्व वर्धमान और सिलिगुड़ी में भी हिंसा हुई।
पहली बार चुनाव में मौत नहीं बंगाल में पहली बार चुनावी हिंसा में कोई मौत नहीं हुई। पिछले चुनाव, यानी 2021 में 8 फेज के चुनाव के दौरान 300 से ज्यादा हिंसा-मारपीट की घटनाएं हुई और 58 मौतें हुईं।
साल 2020 के बाद से देश में चुनाव से जुड़ी 2,593 हिंसक घटनाओं में से 904, यानी करीब 35% सिर्फ पश्चिम बंगाल में हुईं। इसी तरह, चुनावी हिंसा में हुई कुल 329 मौतों में से 168, यानी करीब 51% पश्चिम बंगाल में दर्ज हुईं।
बंगाल चुनाव में मोदी, ममता और शाह के 3 चर्चित बयान
ममता बनर्जी ने 10 अप्रैल को साउथ 24 परगना में कहा-
सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन BJP पर नहीं। ऐसे दलों से बचना चाहिए जो समाज में बंटवारा पैदा करते हैं।

पीएम मोदी ने 11 अप्रैल को पूर्व वर्धमान में कहा-
जो भारत में घुसपैठ करके आया है, उसे भारत से खदेड़ा जाएगा। जिन्होंने उनके नकली कागज बनवाए, सरकारी योजनाओं से जोड़ा। उनका भी हिसाब होगा।

अमित शाह ने 21 अप्रैल को आसनसोल में कहा-
ममता के गुंडे कान खोलकर सुन लें। 23 तारीख को मतदान में जरा भी खलल डाला, अपने घर से बाहर निकले , तो 4 मई के बाद उल्टा लटकाकर सीधा करेंगे।

ममता चौथी बार सीएम बनीं तो रिकॉर्ड बनाएंगी
14 साल से बंगाल की मुख्यमंत्री ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती, तो ममता बनर्जी रिकॉर्ड लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। इससे पहले जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है, लेकिन वे 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल में मुख्यमंत्री रहीं।

2016 में भाजपा ने बंगाल में पहली बार खाता खोला
बीजेपी के गठन के बाद 1982 में पार्टी ने बंगाल में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था। पार्टी को खाता खोलने में 34 साल लगे और 2016 में उसने 3 सीटें जीतें। तब पार्टी का वोट शेयर 10.3% था। 2021 में भाजपा ने 38.4% वोट शेयर के साथ 77 सीटें हासिल कीं।

10 राज्यों में भाजपा बहुमत की सरकार, 11 राज्यों में सरकार में शामिल
मौजूदा वक्त में देश के 21 राज्यों में एनडीए की सरकार है। 10 राज्य में अकेले भाजपा बहुमत में है, जबकि 11 राज्यों में सहयोगी दलों के साथ सरकार में है।

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