- Hindi News
- Lifestyle
- Weight Loss Vs Workout; Calorie Deficit Management | Hormone Insulin Resistance
- कॉपी लिंक
वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों की सबसे बड़ी शिकायत यही है- “मैं रोज वॉक करता हूं, जिम जाता हूं, डाइट भी कंट्रोल करता हूं, फिर भी वजन नहीं घट रहा।” ऐसे में अक्सर लोग अपनी मेहनत पर ही सवाल उठाने लगते हैं। लेकिन सच ये है कि वेट लॉस सिर्फ कैलोरी बर्न करने का खेल नहीं है।
वजन घटाने के लिए शरीर के अंदर चल रही उन प्रक्रियाओं को समझना भी जरूरी है, जो फैट स्टोरेज, भूख, एनर्जी और मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करती हैं।
इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में वेटलॉस का साइंस समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- एक्सरसाइज के बाद भी वजन क्यों नहीं घटता?
- वेट लॉस के लिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करें?
एक्सपर्ट: डॉ. अरविंद अग्रवाल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली
सवाल- रोज एक्सरसाइज करने के बावजूद वजन नहीं घट रहा, इसकी क्या वजह हो सकती है?
जवाब- इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे-
- जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेना।
- मसल्स मास बढ़ना।
- पर्याप्त नींद न लेना।
- ज्यादा तनाव में रहना।
- एक ही वर्कआउट रूटीन फॉलो करना।
- शरीर में पानी रुकना (वाटर रिटेंशन)।
- कोई छिपी हुई हेल्थ कंडीशन।
सवाल- अगर एक्सरसाइज के बाद भी वजन नहीं घटे तो क्या चेक करना चाहिए?
जवाब- इसके लिए इन चीजों को चेक करना जरूरी है-
1. कैलोरी इनटेक ज्यादा तो नहीं?
- कुछ लोग एक्सरसाइज के साथ ओवरईटिंग करते हैं।
- जरूरत से ज्यादा खाने पर वजन बढ़ सकता है।
2. कैलोरी बर्न का अनुमान गलत तो नहीं?
- फिटनेस बैंड और हेल्थ एप्स कैलोरी बर्न के नंबर ज्यादा दिखा सकते हैं।
- गलत अनुमान के कारण गलत ट्रैक पर जा सकते हैं।
3. नींद पूरी हो रही है या नहीं?
- रोज 7-9 घंटे से कम नींद वेट लॉस में बाधा बन सकती है।
- नींद पूरी न होने से हंगर हाॅर्मोन बढ़ सकते हैं, जिससे ओवरईटिंग हो सकती है।
4. ज्यादा स्ट्रेस तो नहीं?
- लंबे समय तक तनाव रहने पर कोर्टिसोल हॉर्मोन बढ़ सकता है।
- इससे फैट स्टोरेज और ओवरईटिंग बढ़ सकती है।
5. कोई मेडिकल कारण तो नहीं?
- हाइपोथायरॉइडिज्म
- पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम (PMOS)
- इंसुलिन रेजिस्टेंस
- कुशिंग सिंड्रोम
- कुछ दवाएं (स्टेरॉयड, एंटीडिप्रेसेंट आदि)
संक्षेप में नीचे ग्राफिक में देखिए कि वेट लाॅस नहीं हो रहा, तो और क्या चेक करना चाहिए-

सवाल- वेट लॉस के लिए सिर्फ एक्सरसाइज करना पर्याप्त क्यों नहीं है?
जवाब- इसके लिए एक्सरसाइज के साथ कई फैक्टर्स पर काम करना जरूरी है।
- एक्सरसाइज से कैलोरी बर्न होती है, लेकिन जरूरी नहीं है कि वजन कम होगा।
- अगर तनाव ज्यादा है तो स्ट्रेस हॉर्मोन (कोर्टिसोल) बढ़ सकता है, जो वजन घटाने में बाधा बन सकता है।
- अगर हॉर्मोनल इंबैलेंस है तो बॉडी फैट स्टोरेज और एनर्जी खर्च करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
- अगर मेटाबॉलिज्म धीमा है तो शरीर कम कैलोरी खर्च करेगा।
- अगर अच्छी नींद न आए और बॉडी को रिकवरी का समय न मिले तो भी वेट लॉस में समस्या हो सकती है।

सवाल- लोग वेट लॉस के लिए कैलोरी ट्रैक करते हैं। कैलोरी ट्रैकिंग क्या है और ये क्यों काफी नहीं है?
जवाब- कैलोरी ट्रैकिंग का मतलब है- दिनभर में खाए-पिए फूड्स और ड्रिंक्स से मिली कैलोरीज का हिसाब रखना। इसका उद्देश्य यह समझना है कि हम जितनी कैलोरीज ले रहे हैं, उसके मुकाबले शरीर कितनी कैलोरीज खर्च कर रहा है।
सिर्फ कैलोरी ट्रैकिंग काफी क्यों नहीं है?
हर कैलोरी एक जैसी नहीं: 500 कैलोरी जंक फूड और 500 कैलोरी पौष्टिक भोजन का शरीर पर असर अलग हो सकता है।
नींद का असर: कम या खराब नींद भूख बढ़ा सकती है और जंक फूड की क्रेविंग बढ़ सकती है।
स्ट्रेस का प्रभाव: तनाव में लोग इमोशनल ईटिंग करने लगते हैं।
मेटाबॉलिज्म में फर्क: हर व्यक्ति का शरीर कैलोरी को अलग तरीके से यूज करता है।
फिजिकल एक्टिविटी और रिकवरी: एक्सरसाइज, मसल्स का लेवल और रिकवरी टाइम भी वेट लॉस को प्रभावित करता है।
सवाल- वजन घटाने के लिए सबसे जरूरी चीज क्या है?
जवाब- वेट मैनेजमेंट में ‘इंसुलिन’ महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह तय करने में मदद करता है कि बॉडी एनर्जी का इस्तेमाल कैसे करेगी और एक्स्ट्रा एनर्जी को कैसे स्टोर करेगी।
- इसका मुख्य काम ब्लड से ग्लूकोज को सेल्स तक पहुंचाना है।
- बार-बार हाई शुगर और अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड खाने से इंसुलिन लेवल लंबे समय तक हाई रह सकता है।
- लगातार हाई इंसुलिन शरीर में फैट स्टोरेज को बढ़ा सकता है।
- इंसुलिन रेजिस्टेंस से वजन कम करना मुश्किल होता है।
सवाल- इंसुलिन लो रखने के लिए क्या करें?
जवाब- इसके लिए ग्राफिक में दी गई इन बातों का ध्यान रखें-

सवाल- इंसुलिन कम करने के लिए डाइट प्लान कैसा होना चाहिए?
जवाब- इंसुलिन कंट्रोल करने के लिए ऐसी डाइट पर फोकस करें, जिससे ब्लड शुगर स्थिर बना रहे। नीचे दिए ग्राफिक में लो इंसुलिन डाइट प्लान देखिए-

सवाल- कौन सी एक्सरसाइज इंसुलिन कम करने में मददगार हैं?
जवाब- रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने में मदद करती है। इससे सेल्स इंसुलिन का बेहतर इस्तेमाल कर पाती हैं। ग्राफिक में देखिए, इसके लिए कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए-

सवाल- वेट लॉस के लिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करने चाहिए?
जवाब- लाइफस्टाइल में ये जरूरी बदलाव करें-
- रोज 7-9 घंटे की अच्छी नींद लें।
- नियमित समय पर सोएं और जागें।
- योग, मेडिटेशन करें।
- रेगुलर एक्सरसाइज के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें।
- डाइट में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा बढ़ाएं।
- चीनी, शुगरी ड्रिंक्स और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड कम करें।
- बार-बार स्नैकिंग और ओवरईटिंग से बचें।
- पर्याप्त पानी पिएं।
- ड्रिंकिंग और स्मोकिंग न करें।
- भोजन और नींद का एक फिक्स रूटीन बनाएं।
- स्क्रीन टाइम कम करें।
सवाल- वजन घटाने के लिए अच्छी नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट कितना जरूरी है?
जवाब- यह क्रिटिकल है। अगर नींद और स्ट्रेस पर ध्यान नहीं दिया जाता, तो वेट लॉस की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
सवाल- क्या किसी बीमारी या हेल्थ कंडीशन के कारण भी वजन घटाने में मुश्किल हो सकती है?
जवाब- हां, कुछ हेल्थ कंडीशंस वजन घटाने को मुश्किल बना सकती हैं। ग्राफिक में सभी हेल्थ कंडीशंस देखिए-

सवाल- क्या महिलाओं और पुरुषों में वजन घटाने की रफ्तार अलग होती है?
जवाब- हां, दोनों की रफ्तार अलग होती है। पॉइंटर्स से समझिए-
- पुरुषों में मसल्स ज्यादा होने के कारण उनका मेटाबॉलिज्म तेज होता है। इससे वे ज्यादा कैलोरी बर्न कर सकते हैं।
- महिलाओं में हॉर्मोनल बदलाव (पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज) वेट लॉस को प्रभावित कर सकते हैं।
- प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग की जरूरत के कारण महिलाओं का शरीर प्राकृतिक रूप से ज्यादा फैट स्टोर करता है।
- PMOS जैसी कंडीशंस में वजन घटाने में मुश्किल हो सकती है।
सवाल- मेनोपॉज के बाद वजन घटाना मुश्किल क्यों हो जाता है?
जवाब- इस दौरान शरीर में हॉर्मोनल और मेटाबॉलिक बदलाव होते हैं। जैसेकि-
एस्ट्रोजन लेवल कम होने से पेट के आसपास फैट बढ़ सकता है।
मसल्स कम होने से मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ सकता है।
शरीर की कैलोरी की जरूरत घट सकती है।
नींद की समस्याएं और हॉट फ्लैशेज वेट मैनेजमेंट को प्रभावित कर सकते हैं।
इंसुलिन सेंसिटिविटी में बदलाव हो सकता है। ……………… ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- सुंदरता के लिए इंजेक्शन लगवाना:CDSCO ने बताया गैरकानूनी, नर्व डैमेज और एलर्जिक रिएक्शन का रिस्क, इससे दूर रहें

हाल ही में ‘सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन’ (CDSCO) ने साफ किया है कि कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स को इंजेक्शन के रूप में इस्तेमाल करना नियमों के खिलाफ है और ऐसी प्रैक्टिसेज पर सख्ती जरूरी है। आगे पढ़िए…
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
