VVS Laxman: टीम इंडिया में लगातार चोटिल हो रहे खिलाड़ियों को लेकर मैनेजमेंट की टेंशन बढ़ी हुई है। पिछले कई हफ्तों से भारत के कई खिलाड़ी चोट से जूझ रहे हैं और वो बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैब से गुजर रहे हैं।
जसप्रीत बुमराह से लेकर हार्दिक पाण्ड्य, हर्षित राणा और वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ी चोट के कारण टीम इंडिया से बाहर ही चल रहे हैं। इस बीच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की भूमिका पर उठ रहे सवालों के बीच सीओई चीफ वीवीएस लक्ष्मण आलोचना करने वालों पर जमकर भड़के हैं। लक्ष्मण ने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा ‘सीओई केवल कोई रिहैब सेंटर नहीं है, इसके अलावा भी इसके कई काम हैं।’
सीओई केवल कोई रिहैब सेंटर नहीं है-वीवीएस लक्ष्मण
बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लक्ष्मण ने कहा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सिर्फ एक रिहैब सेंटर नहीं है, इसके अलावा भी इसके कई काम हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि फ़िटनेस रिपोर्टिंग और सिलेक्शन प्रोसेस, दोनों में पारदर्शिता है। सिलेक्शन के आखिर में साफ तौर पर बताया जाता है कि इन खिलाड़ियों को फिटनेस के आधार पर चुना गया है।”
उन्होंने बताया कि जब किसी खिलाड़ी को फिटनेस के आधार पर चुना जाता है, तो सेलेक्टर को दूसरे विकल्पों के बारे में भी पता होता है, ताकि अगर खिलाड़ी ज़रूरी फिटनेस टेस्ट पास न कर पाए तो उन्हें पता हो कि क्या करना है।
बुमराह-सुदर्शन की इंजरी पर क्या बोले लक्ष्मण?
वीवीएस लक्ष्मण ने कहा ‘बुमराह और साई सुदर्शन को श्रीलंका दौरे के लिए चुना जाना था, बशर्ते वे फिटनेस टेस्ट पास कर लें और जैसा कि मैंने पहले बताया, आप उनका आकलन करते हैं, उन्हें एक स्टेज से दूसरे स्टेज पर ले जाते हैं और अगर उनकी प्रोग्रेस धीमी होती है, तो आप सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन और हेड कोच को इसकी जानकारी देते हैं और यह सब बहुत आसानी से हो रहा है।”
खिलाड़ी इंसानी शरीर है, कोई मशीन नहीं
प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरानलक्ष्मण के अलावा खिलाड़ियों के फ़िटनेस पर जोर देते हुए बीसीसीआईके सचिव देवजीत सैकिया ने कहा खिलाड़ी इंसानी शरीर है। यह कोई मशीन नहीं है। इसलिए ठीक होने में उसे 14 दिन या 28 दिन लग सकते हैं।
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