विराट कोहली के लिए रिकॉर्ड कभी लक्ष्य नहीं रहे, बल्कि टीम के लिए हर मैच में कुछ नया करने की चुनौती हमेशा उनकी प्राथमिकता रही है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ODI में शानदार शतक जड़ने के बाद भी कोहली ने यही बात दोहराई। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान निजी उपलब्धियों पर नहीं, बल्कि टीम की जरूरत के हिसाब से अपना खेल ऊंचा उठाने पर रहता है।
कोहली ने कही दिल की बात
विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ODI में नाबाद 139 रन की तूफानी पारी खेलकर भारत को 8 विकेट से जीत दिलाई। इस दौरान उन्होंने ODI क्रिकेट में 15 हजार रन भी पूरे किए और यह उपलब्धि हासिल करने वाले सचिन तेंदुलकर के बाद दुनिया के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बने। इसके अलावा कोहली ने फॉर्मेट में अपना 55वां शतक भी जड़ा। इन तमाम उपलब्धियों के बावजूद कोहली का कहना है कि उनका ध्यान कभी व्यक्तिगत रिकॉर्ड या माइलस्टोन पर नहीं रहा। उनके लिए टीम की जरूरत के हिसाब से खेलना और लगातार अपने प्रदर्शन को बेहतर करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। मैच के बाद कोहली ने कहा कि उनका ध्यान कभी भी वास्तव में इन माइलस्टोन पर नहीं रहा है। उनका ध्यान बस स्थिति को समझने और टीम के लिए अपना काम करने पर रहा है। उपलब्धियां अपने आप साथ आती हैं।
कोहली ने लंबे समय तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने और इस मुकाम तक पहुंचने को लेकर भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि जाहिर तौर पर वह इतने लंबे समय तक खेलने और इस मुकाम पर पहुंचने के लिए खुद को बहुत सौभाग्यशाली और ईश्वर का आभारी मानते हैं। बस सिर झुकाकर मेहनत करते रहना और जीवन में मिली हर चीज के लिए ईश्वर को धन्यवाद देना। उन्होंने आगे कहा कि वह बहुत सौभाग्यशाली जिंदगी जी रहे हैं क्योंकि बहुत सारे लोग यहां रहना चाहते हैं, लेकिन वह भाग्यशाली लोगों में से हैं, इसलिए बेहतर होगा कि हम अपना सिर झुकाए रखें और अपनी जिंदगी के हर दिन कड़ी मेहनत करते रहें।
कोहली को चुनौती का सामना करना पसंद
कोहली ने यह भी बताया कि अपने खेल में आक्रामकता बढ़ाना उनके लिए इस समय एक चुनौती है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले, बस अपने खेल को समझना। साथ ही, जिस दौर में वह हैं, उसमें खुद को शारीरिक रूप से बहुत फिट रखना, क्योंकि खेल कमोबेश दिमाग में होता है। जैसा कि आप जानते हैं, वह कभी ऐसे व्यक्ति नहीं रहा जिसने बहुत ज्यादा अभ्यास किया हो, यहां तक कि जब वह तीनों फॉर्मेट खेल रहे थे तब भी। कोहली ने कहा कि अपने करियर के इस पड़ाव पर उनके सामने चुनौती थी कि वह अपना स्तर ऊंचा उठाएं और एक-दो गियर ऊपर खेलें। इस पर काम करना उनके लिए रोमांचक था।
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