अंजलि अरोड़ा और देव शर्मा स्टारर फिल्म ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। 25 सितंबर को फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई, जिसके बाद से ये चर्चा में आ गई है। ट्रेलर लॉन्च के बाद से ही विवादों में घिरी इस फिल्म की अब फिर फजीहत हो रही है, जिसकी वजह है एक तस्वीर। सोशल मीडिया पर इस फिल्म की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसे देखने के बाद यूजर्स ने अपना माथा ही पीट लिया। वायरल हो रही इस तस्वीर में सुग्रीव की वानर सेना के एक वानर की आंखों पर चश्मा लगा है, ये देखने के बाद अब सोशल मीडिया यूजर पूछ रहे हैं कि क्या त्रेता युग में भी लोग चश्मा लगाते थे? वानर की आंखों पर चश्मा लगा देख लोग मेकर्स से सवाल पर सवाल कर रहे हैं।
‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ में चश्में वाला वानर
सोशल मीडिया पर ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ की वायरल हो रही तस्वीर में एक वानर को चश्मे में देखने के बाद लोग हैरान हैं। सुग्रीव वाले पोस्टर में एक वानर को चश्मा पहने देखा जा सकता है और मेकर्स की इतनी बड़ी चूक दर्शकों की नजरों से छिप नहीं सकी। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि यूं तो ‘रामायण’ को कई बार पर्दे पर उतारा गया है। कभी छोटे तो कभी बड़े पर्दे पर इस महाकाव्य की कहानी देखने को मिली है, लेकिन ऐसी भूल इससे पहले कभी देखने को नहीं मिली।
यूजर्स ने पूछा- ये कैसी फिल्म बनाई है?
सोशल मीडिया पर यूजर मेकर्स की इस भूल को लेकर खूब सवाल कर रहे हैं। एक ने पूछा – ‘क्या त्रेता युग में भी लोग चश्मा लगाते थे?’ वहीं एक ने लिखा- ‘मैंने तो पहली बार त्रेता युग में चस्मा देखा है।’ एक और लिखता है- ‘मुझे लगा कि मुझे गलतफहमी हो रही है, लेकिन फिर पता चला बाकि सब भी वही देख रहे हैं जो मैं देख रहा हूं।’ एक लिखता है- ‘ये कैसी फिल्म बनाई है? ये वानर क्या टाइम ट्रैवल करके त्रेता युग में गया था?’ ऐसे ही कमेंट करते हुए यूजर मेकर्स की इस चूक पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
अंजलि अरोड़ा की कास्टिंग पर भी विवाद
जब से ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ का ऐलान हुआ है, तभी से ये फिल्म चर्चा में है। पहले तो फिल्म में सीता मां के रोल में अंजलि अरोड़ा की कास्टिंग को लेकर दर्शक बिफर गए और फिर इसके वीएफएक्स और प्रोडक्शन क्वालिटी को लेकर सवाल खड़े होने लगे। फिल्म का टीजर जारी होने के बाद भी दर्शकों ने इसमें एक बड़ी चूक पकड़ ली थी। टीजर में ‘कृष्णाय वासुदेवाय हरये…’ मंत्र सुनकर लोग हैरान हो गए और सोच में पड़ गए कि जब श्रीकृष्ण, भगवान राम के बाद आए थे तो उनका मंत्र ‘रामायण’ में कैसे इस्तेमाल हो सकता है? श्रीराम भगवान विष्णु के सातवें अवतार थे और उनका जन्म त्रेतायुग में हुआ था वहीं कृष्ण उनके आठवें अवतार थे और द्वापरयुग में पैदा हुए थे।
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