भारतीय महिला शतरंज खिलाड़ी आर वैशाली ने इतिहास रचते हुए फिडे विमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया है। इसके साथ ही वह अब इस टूर्नामेंट को जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
अब इस जीत के बाद वैशाली चीन की मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन जू वेनजुन को महिला वर्ल्ड चैंपियनशिप टाइटल के लिए चुनौती देंगी। जू वेनजुन पांच बार की वर्ल्ड चैंपियन हैं और लंबे समय से महिला शतरंज पर अपना दबदबा बनाए हुए है। ऐसे में वैशाली को सामने उसकी एक बड़ी चुनौती होगी।
वैशाली ने इस अहम मौके पर अपना संयम बनाए रखा और शानदार वापसी करते हुए आखिरी दौर में कैटरीना लेगनो को हराकर महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। साथ ही उन्हें ये भी उम्मीद थी कि उनकी प्रतिद्वंद्वी बिबिसारा असाउबायेबा अंक गंवाए। वैशाली के लिए स्थिति तब अनुकूल बनी जब भारत की ही युवा खिलाड़ी दिव्या देशमुख ने असाउबायेवा को ड्रॉ पर रोक दिया। जिसके बाद आखिरी दौर में वैशाली ने सफेद मोहरों से खेलते हुए लैग्नो को हराकर खिताब हासिल किया।
वैशाली ने कुल 8.5 अंक हासिल किए और कोनेरू हम्पी के नक्शेकदम पर चलते हुए ऐसी उपलब्धि हासिल की जो देश में महिला शतरंज के लगातार बढ़ते कद को दर्शाती है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.