Vaibhav Sooryavanshi Duleep Trophy: वैभव सूर्यवंशी ने सेंट्रल जोन बनाम ईस्ट जोन मैच में कमाल की बल्लेबाजी की। वह सिर्फ 8 रनों से महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गए।
8 रनों से बचा सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड
सूर्यवंशी के पास एक और नया इतिहास रचने का मौका था लेकिन वह चूक गए। दरअसल, सूर्यवंश अगर 8 रन और बना लेते तो वह दलीप ट्रॉफी में शतक जड़ने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन जाते हैं। फिलहाल, यह रिकॉर्ड महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है। सचिन ने1990/91 दलीप ट्रॉफी में 17 साल और 262 दिन की उम्र में सेंचुरी जड़ी थी। वहीं, सूर्यवंशी अगर तीन अंकों तक पहुंच जाते तो फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सेंचुरी लगाने वाले दूसरे सबसे कम उम्र के भारतीय बन जाते। यह रिकॉर्ड पंजाब के ध्रुव पांडोव के खाते में है। ध्रुव ने यह कारनामा 1988-89 के रणजी ट्रॉफी सीजन में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ किया था। उनकी उम्र तब 14 साल और 293 दिन थी।
वैभव सूर्यवंशी बने हर्ष दुबे का शिकार
ईस्ट जोन ने सेंट्रल जोन की पहली पारी 80.1 ओवर में समेटी। इसके बाद, सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने ईस्ट जोन को बेहतरीन शुरुआत दिलाई। दोनों ने 161 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप की। ईस्ट जोन को पहला झटका सूर्यवंशी के रूप में लगा। उन्हें स्पिनर हर्ष दुबे ने 26वें ओवर में की दूसरी गेंद पर अपना शिकार बनाया। सूर्यवंशी लंच से पहले शतक जमाने का प्रयास में थे लेकिन छक्का मारने के चक्कर में बाउंड्री पर अरशद खान को कैच थमा बैठे। शतक से चूकने के बाद युवा ओपनर बेहद निराश नजर आया। सूर्यवंशी के लौटने के बाद बैटिंग करने उतरे कुमार कुशाग्र का गोल्डन डक हुए। उन्होंने अमन मोखाड़े को कैच थमाया। ईश्वरन की पारी का अंत 39वें ओवर में हुआ। उन्हें आर्यन पांडे ने एलबीडब्ल्यू किया। ईश्वरन ने 106 गेंदों में आठ चौकों के जरिए 69 रनों की पारी खेली। जब वह आउट हुए तब ईस्ट जोन का स्कोर 200/3 था।
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