असम में विमान क्रैश में अलीगढ़ के जितेंद्र शर्मा की मौत की मौत हो गई। शहीद का पार्थिव शरीर आज यानी सोमवार को गांव करीब 2 बजे तक पहुंचेगा। जबकि बेटे की मौत की खबर से अभी भी मां बेखबर है। मां को घर में अकेला रखा गया है। जबकि बहनें और भाई चाचा के घर पर रूके हैं। यहां परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में शहीद जितेंद्र के जयकारे लग रहे हैं। जगह-जगह बैनर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इस पर लिखा है- शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशाँ होगा। दरअसल, शनिवार सुबह 10 बजे भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में जितेंद्र के साथ 4 और लोगों की मौत हो गई थी। पहले जानिए कौन थे सार्जेंट जितेंद्र शर्मा अलीगढ़ के गांव सालपुर में रहने वाले जितेंद्र शर्मा (31) 7 भाई-बहन थे। वह अपने घर में सबसे छोटे थे। अभी घर में उनकी मां राजेश्वरी देवी के अलावा 2 बड़े भाई रमाकांत और भूपेंद्र रहते हैं। जितेंद्र का भारतीय वायुसेना में 1 जनवरी, 2015 को सिलेक्शन हुआ था। करीब 11 साल तक उन्होंने राष्ट्र सेवा की। जितेंद्र के पिता करुआ शर्मा का 12 साल पहले निधन हो गया था। पिता के निधन के बाद मां राजेश्वरी देवी ने सभी बच्चों का पालन-पोषण किया। घरवालों ने बताया- जितेंद्र हाल ही में छुट्टी लेकर गांव आए थे। 5 जून को वह ड्यूटी पर लौटे थे। घर में उनकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। उन्होंने शादी के लिए लड़की भी देखी थी। परिवार जल्द ही विवाह की तैयारियां शुरू करने वाला था, लेकिन इससे पहले ही हादसे में उनकी मौत हो गई। अलीगढ़ के शहीद सार्जेंट जितेंद्र शर्मा से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लाग से गुजर जाइए…
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