राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका पागलों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं दे सकता। यही वजह है कि उन्होंने ईरान के साथ जंग लड़ी। फ्लोरिडा में शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका ने मिडिल ईस्ट को एक परमाणु खतरे से बचा लिया है। उन्होंने कहा, “अगर हम ऐसा नहीं करते, तो उनके पास परमाणु हथियार होता और इजराइल, मिडिल ईस्ट और यूरोप तबाह हो जाते।” ट्रम्प ने यह भी कहा कि उन्होंने जंग रोकने के लिए ईरान का ऑफर फिर से ठुकरा दिया है। इससे पहले ईरान 26 और 27 अप्रैल को भी अपना प्रस्ताव भेज चुका है जिसे वे ठुकरा चुके हैं। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक ईरान ने अपने नए प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे का जिक्र नहीं किया है, इससे ट्रम्प नाखुश हैं। वहीं ईरान का कहना है कि होर्मुज को तुरंत खोलना चाहिए, परमाणु मुद्दे पर बात में बातचीत होगी। जबकि ट्रम्प चाहते हैं कि दोनों चीजें एकसाथ हों। ट्रम्प कह चुके हैं कि ईरान को बातचीत के लिए आने से पहले एनरिच्ड यूरेनियम को सौंपना होगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. संसदीय मंजूरी की जरूरत नहीं: ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर कहा है कि उन्हें इसके लिए संसद से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है। जो लोग इसकी मांग कर रहे हैं, वे देशभक्त नहीं हैं। 2. ईरान जंग खत्म होने का दावा: व्हाइट हाउस ने संसद को आधिकारिक तौर पर बताया कि ईरान युद्ध अब खत्म हो चुका है। उस इलाके में अभी भी अमेरिकी सेना मौजूद है, इससे फर्क नहीं पड़ता। 3. अमेरिका की चेतावनी: अमेरिका ने कहा कि जो कंपनियां ईरान को होर्मुज से गुजरने के लिए पैसा देती हैं, उन पर अमेरिका पाबंदी लगा सकता है, भले ही वो पैसा चैरिटी के नाम पर ही क्यों न दिया जाए। 4. जहाजों का ट्रैफिक 90% घटा: होर्मुज में जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। पहले जहां हर दिन करीब 130 जहाज गुजरते थे, अब सिर्फ 10 से भी कम जहाज जा रहे हैं। 5. ट्रम्प को हमले की ब्रीफिंग: अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर ने राष्ट्रपति ट्रम्प को ईरान के खिलाफ संभावित हमला करने के विकल्पों की जानकारी दी। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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