अमेरिका ने भारत समेत अपने 60 व्यापारिक साझेदार देशों के खिलाफ जबरन मजदूरी से जुड़ी जांच के आधार पर स्थायी टैरिफ लगाने की घोषणा की है। हालांकि, भारत के लिए टैरिफ दर प्रस्तावित 12.5% के बजाय 10% ही रहेगी। बताते चलें कि अमेरिका ने फरवरी 2026 में अपने सभी व्यापारिक साझेदारों पर 150 दिनों के लिए 10% का अस्थायी टैरिफ लगाया था, जो 24 जुलाई को खत्म हो गया था। भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि देश के लगातार प्रयासों की वजह से अमेरिका ने भारत को 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क की निचली श्रेणी में रखा है।
भारत के 45 प्रतिशत निर्यात 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क के दायरे से बाहर
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि धारा 301 के तहत अमेरिका द्वारा लगाए गए 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क के दायरे से भारत के करीब 45 प्रतिशत निर्यात अब भी बाहर हैं। भारत के बाकी 55 प्रतिशत निर्यात पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क लगेगा। ये शुल्क धारा 301 की जांच में शामिल ज्यादातर देशों की तुलना में कम है। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका को होने वाले भारतीय निर्यात का बड़ा हिस्सा, जिस पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता, प्रस्तावित 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क के दायरे से बाहर रहेगा।
अमेरिका के साथ भारत की बातचीत लगातार जारी
वाणिज्य मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए जारी बातचीत के हिस्से के रूप में भारत वस्त्र-विशिष्ट व्यवस्था को लेकर अमेरिका के साथ लगातार संवाद कर रहा है। भारत सरकार, द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द संपन्न कराने के लिए अमेरिका के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत पर 12.5 के बजाय लगेगा 10 प्रतिशत शुल्क
मार्च में, अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि के कार्यालय ने ट्रेड एक्ट, 1974 की धारा 301 के तहत दो अलग-अलग जांच भी शुरू की थीं। ट्रंप के व्यापार एजेंडा को फिर से तैयार करने के साथ ही अमेरिका ने 60 साझेदारों पर नए टैरिफ की घोषणा की। भारत के कदमों की वजह से, अब उसे उन देशों में शामिल कर लिया गया है जिन पर 12.5% के बजाय 10% टैरिफ लगेगा।
किन देशों पर लागू होंगे 10 प्रतिशत शुल्क
ये 10% टैरिफ उन देशों पर लागू होंगे जो जबरदस्ती मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक लगाते हैं, जिन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के जरिए ऐसी रोक लगाने और उसे लागू करने का वादा किया है, या जिन्होंने कुछ खास तरह के जबरदस्ती मजदूरी वाले सामान के आयात को रोकने के लिए आंशिक व्यवस्था लागू की है।
10 प्रतिशत शुल्क वाले देशों में कौन-कौन शामिल
इन देशों में भारत के अलावा, अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, कनाडा, इक्वाडोर, अल साल्वाडोर, ग्वाटेमाला, होंडुरास, इंडोनेशिया, जॉर्डन, मलेशिया, मैक्सिको, पाकिस्तान, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो, और यूनाइटेड किंगडम रे नाम शामिल हैं। अमेरिका उन सभी अन्य देशों पर 12.5% टैरिफ लगाएगा जिनकी उसने जांच की है।
जेनरिक दवाओं पर 200 प्रतिशत टैरिफ वसूलेगा अमेरिका
उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी हाल ही में जेनरिक दवाओं पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि अमेरिका में आने वाली जेनेरिक दवाओं पर फिलहाल दो साल तक कोई टैरिफ नहीं लगेगा, लेकिन इसके बाद अगस्त 2028 से 100% टैरिफ और उसके अगले चरण में 200% तक टैरिफ लगाया जाएगा।
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