अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर घोषणा की है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई है. उन्होंने इसे ईरानियों के लिए अपने देश पर फिर से कंट्रोल पाने का सबसे बड़ा अवसर बताया और चेतावनी दी कि सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी.
ट्रंप ने लिखा, “इतिहास के सबसे क्रूर लोगों में से एक खामेनेई की मौत हो गई है.” उन्होंने इस घटनाक्रम को ईरान के लोगों के लिए न्याय और उन अमेरिकियों और अन्य लोगों के लिए न्याय बताया, जिन्हें खामेनेई के नेतृत्व में नुकसान पहुंचाया गया था. ट्रंप ने कहा कि ईरानी नेता हमारी खुफिया जानकारी और अत्याधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं पाए और दावा किया कि यह ऑपरेशन इजरायल के साथ मिलकर अंजाम दिया गया था.
‘ईरानी जनता के लिए बड़ा मौका’
उन्होंने आगे कहा कि खामेनेई के साथ अन्य वरिष्ठ नेता भी मारे गए और वह कुछ भी नहीं कर सकते थे. इस पल को ऐतिहासिक बताते हुए ट्रंप ने कहा कि यह ईरानी जनता के लिए अपने देश को वापस लेने का सबसे बड़ा मौका है. उन्होंने दावा किया कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड और सुरक्षा बलों के कुछ लोग इम्युनिटी प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं अभी तो उन्हें इम्युनिटी मिल गई है लेकिन बाद में उन्हें सिर्फ मौत मिलेगी.
ट्रंप ने सैन्य दबाव जारी रखने का संकेत देते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट और वास्तव में पूरी दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए जब तक आवश्यक होगा तब तक भारी और सटीक बमबारी जारी रहेगी. ईरान ने खामेनेई की मौत की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है.
‘खामेनेई का शव बरामद’
एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि हमले के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का शव बरामद कर लिया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन ने 1989 से ईरान पर शासन कर रहे नेता को निशाना बनाने के लिए इजरायल के साथ मिलकर काम किया.
ईरानी मीडिया ने क्या बताया
ईरानी समाचार एजेंसियों तसनीम और मेहर ने इस दावे का खंडन करते हुए बताया कि सर्वोच्च नेता अडिग और दृढ़ हैं और सत्ता पर अपना दबदबा बनाए हुए हैं. इस बीच खामेनेई के एक्स अकाउंट से पोस्ट किया गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे अभी भी जीवित हैं. पोस्ट में लिखा कि हैदर (अली) के नाम पर, उन पर शांति हो.
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