अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के बीच ब्रिटेन का समर्थन न मिलने का जिक्र किया. ट्रंप ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यूरोपीय देश अब पश्चिम एशिया में एयरक्रॉफ्ट कैरियर (विमानवाहक पोत) भेजने पर विचार कर रहा है.
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका को युद्ध जीतने के बाद उसमें शामिल होने वाले लोगों की ज़रूरत नहीं है. उन्होंने कहा, “यूनाइटेड किंगडम जो कभी हमारा महान सहयोगी था, शायद सबसे महान, आखिरकार मिडिल ईस्ट में 2 विमानवाहक पोत भेजने पर गंभीरता से विचार कर रहा है. ठीक है, प्रधानमंत्री स्टारमर, हमें अब उनकी ज़रूरत नहीं है, लेकिन हम याद रखेंगे. हमें ऐसे लोगों की ज़रूरत नहीं है जो युद्ध जीतने के बाद उसमें शामिल हों.”
जवाब में कीर स्टार्मर ने क्या कहा
इससे पहले बुधवार को ब्रिटेन की संसद को संबोधित करते हुए स्टार्मर ने कहा, “अमेरिकी विमान ब्रिटिश ठिकानों से उड़ान भर रहे हैं. यही स्पेशल रिलेशनशिप है. ब्रिटिश जेट हमारे संयुक्त ठिकानों से मिडिल ईस्ट में अमेरिकी नागरिकों की रक्षा के लिए ड्रोन और मिसाइलों को मार गिरा रहे हैं. यही इस स्पेशल रिलेशनशिप की असली स्थिति है. अपने लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिदिन खुफिया जानकारी साझा करना, यही स्पेशल रिलेशनशिप है.
कीर स्टार्मर ने ईरान पर हमले में शामिल न होने के अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि उन्हें कार्रवाई का कोई कानूनी आधार नहीं दिखा और उनका रुख अभी भी वही है.
ट्रंप ने की तीखी आलोचना
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में 7 मार्च के ऑपरेशन अपडेट शेयर किए, जिसमें बताया गया कि अमेरिका ने रक्षात्मक अभियानों के लिए ब्रिटिश ठिकानों का उपयोग शुरू कर दिया है ताकि ईरान को क्षेत्र में मिसाइल दागने से रोका जा सके, जिससे ब्रिटिश नागरिकों की जान को खतरा है. मंगलवार को इससे पहले, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर ब्रिटेन के रुख को बेहद असहयोगी बताया. ट्रंप ने कीर स्टार्मर की दोनों देशों के संबंधों को बिगाड़ने के लिए आलोचना की और कहा कि वह विंस्टन चर्चिल नहीं हैं.
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